संसद परिसर में राम मंदिर चंदा प्रदर्शन पर विवाद, पप्पू यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज

संसद परिसर में शुक्रवार को कथित राम मंदिर चंदा गबन मामले को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पप्पू यादव

नई दिल्ली : संसद परिसर में शुक्रवार को कथित राम मंदिर चंदा गबन मामले को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय राजधानी के जहांगीरपुरी थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में प्रदर्शन के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धार्मिक प्रतीकों के कथित अपमान का आरोप लगाया गया है। यह शिकायत सूर्य मैथिल की ओर से दर्ज कराई गई है।

Read More : संसद परिसर में विपक्ष का नुक्कड़ नाटक, राम मंदिर चंदे पर घिरी सरकार

रामलला की तस्वीर के अपमान का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि संसद परिसर के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान भगवान रामलला विराजमान की तस्वीर को पैरों के नीचे रखा गया, जिससे सनातन धर्म को मानने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुईं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन को राहुल गांधी, डिंपल यादव, अवधेश प्रसाद समेत INDI गठबंधन के कई सांसदों का समर्थन प्राप्त था।

नुक्कड़ नाटक के जरिए किया गया प्रतीकात्मक विरोध

शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने कथित राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। इस दौरान “चंदा चोर, गद्दी छोड़”, “जवाब तुमको देना होगा” और “अमित शाह, सदन में आओ” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर मंदिर के पुजारी की भूमिका में नजर आए। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी और उन्होंने दान संग्रह से जुड़ा एक प्रतीकात्मक दृश्य प्रस्तुत किया। प्रदर्शन में विपक्षी सांसद श्रद्धालुओं की भूमिका निभाते हुए दान पात्र में पैसे डालते दिखे। वहीं, पुजारी की भूमिका निभा रहे पप्पू यादव प्रतीकात्मक रूप से दान के वही पैसे अपनी जेब में रखते नजर आए। इसके बाद श्रद्धालु की भूमिका निभा रहे समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने इस कथित अनियमितता पर आपत्ति जताई। पूरे विरोध प्रदर्शन को नुक्कड़ नाटक की शैली में प्रस्तुत किया गया।

संसद परिसर में ऐसे प्रदर्शनों पर सख्ती की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, संसद परिसर में वेशभूषा आधारित और नाटकीय प्रदर्शनों को लेकर लोकसभा सचिवालय ने कड़ा रुख अपनाया है। सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि संसद परिसर में इस तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी। बताया जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई है। मौजूदा दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने की तैयारी की जा रही है।

विपक्ष ने बताया प्रतीकात्मक प्रदर्शन

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यह प्रदर्शन अयोध्या में दान से जुड़े आरोपों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं से दान लिया गया, लेकिन रसीद नहीं दी गई और कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज भी हटा दी गई। उन्होंने इस मामले पर संसद में चर्चा कराने की मांग की। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष के प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों के जरिए सनातन धर्म को बदनाम करने का प्रयास किया गया है। गिरिराज सिंह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर वोट बैंक की राजनीति के लिए सनातन का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सनातन समाज इसका जवाब देगा और इस तरह के कृत्य को कभी माफ नहीं किया जाएगा।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *