रांची : रांची के हरमू रोड (चौधरी बगान) स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में रक्षाबंधन का पावन पर्व बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान की ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने झारखंड के माननीय CM हेमंत सोरेन को पवित्रता का प्रतीक रक्षा-सूत्र (राखी) बांधा और उनके उज्ज्वल भविष्य व जनसेवा के कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।
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रक्षाबंधन का आध्यात्मिक महत्व और संदेश
इस दौरान ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक पहलू पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब संपूर्ण सृष्टि काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे विकारों से मलिन हो जाती है, तब निराकार परमात्मा इस धरा पर अवतरित होकर ज्ञान का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का वास्तविक संदेश यही है कि प्रत्येक मनुष्य अपनी आंतरिक दिव्य शक्तियों को पहचाने, परमात्मा से सच्चा संबंध जोड़े तथा अपने भीतर के दुर्गुणों और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त करे। यही सच्चा रक्षाबंधन है जो हमें आध्यात्मिक रूप से एक नए और पवित्र जीवन की ओर ले जाता है।

“रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का प्रतीक”: CM हेमंत सोरेन
रक्षा-सूत्र बंधवाने के बाद CM हेमंत सोरेन ने कहा कि रक्षाबंधन का पावन पर्व जाति, वर्ग, कुल और धर्म के तमाम भेदभावों से पूरी तरह परे है। कोई भी बहन किसी भी भाई को राखी बांध सकती है और भाई उसे सहर्ष स्वीकार करता है। यह भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” (संपूर्ण विश्व एक परिवार है) की भावना का सजीव उदाहरण है। CM ने कहा कि यदि हम सब रक्षाबंधन की इस भावना को सही अर्थों में समझकर अपने व्यावहारिक जीवन में अपनाएं, तो समाज में स्वाभाविक रूप से प्रेम, आपसी सद्भाव, शांति और खुशहाली का वातावरण निर्मित होगा।




