सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की मगध-आम्रपाली कोल परियोजना क्षेत्र में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सीआईएसएफ के जवानों ने देर रात चलाए गए विशेष अभियान के तहत चमातू मोड़ तालाब के पास अवैध कोयला लदे एक हाइवा वाहन को जब्त किया है। हालांकि, रात के घने अंधेरे का फायदा उठाकर हाइवा का ड्राइवर मौके से भागने में सफल रहा। इस घटना के तुरंत बाद सीआईएसएफ के अधिकारियों ने मामले की जानकारी सीसीएल प्रबंधन और पुलिस को दी। अवैध कोयला खनन और गैरकानूनी परिवहन के इस पूरे मामले में एमएमडीआर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चार टीमों ने चलाया संयुक्त तलाशी अभियान
सीसीएल की मगध-आम्रपाली कोल परियोजना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। इस गैरकानूनी गतिविधि को पूरी तरह रोकने के लिए सीआईएसएफ लगातार क्षेत्र में छापेमारी और जांच अभियान चला रही है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सीआईएसएफ की कुल चार अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। इन सभी टीमों ने मिलकर परियोजना क्षेत्र के संदिग्ध मार्गों, कोयले की अवैध तस्करी वाले संवेदनशील इलाकों और आसपास के रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी।
चमातू मोड़ तालाब के पास घेराबंदी कर पकड़ा हाइवा
सीआईएसएफ की टीम जब गश्त कर रही थी, तभी चमातू मोड़ तालाब के पास कोयला लदा हाइवा दिखाई दिया। सतर्क जवानों ने तुरंत घेराबंदी करते हुए गाड़ी को रोक लिया। जांच करने पर पाया गया कि हाइवा में अवैध रूप से कोयला लादा गया था।, यह वाहन ओझा टांड़ के रास्ते से होकर फूलबसिया रेलवे पुल को पार करते हुए चतरा रोड की तरफ जाने की फिराक में था।
सीआईएसएफ की टीमों ने वाहन को रोक लिया। हालांकि, जैसे ही गाड़ी रुकी, उसका ड्राइवर रात के अंधेरे का लाभ उठाकर जंगल और झाड़ियों की तरफ भाग निकला। इस मामले में माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट यानी एमएमडीआर एक्ट के तहत औपचारिक प्राथमिकी दर्ज करने की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।