राँची: झारखंड हाईकोर्ट ने साहिबगंज के बरहड़वा के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) नंदन कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है. न्यायाधीश अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने यह आदेश पारित किया. नंदन कुमार को ACB दुमका ने 19 मार्च 2026 को शिकायतकर्ता मो. आलमगीर की सूचना पर 40 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. आरोप है कि उन्होंने जनवितरण प्रणाली (PDS) के डीलरों से प्रति माह 5 हजार रुपये फिक्स कमीशन तय कर रखा था.
पहली सैलरी से पहले लगे रिश्वतखोरी के आरोप
नंदन कुमार ने JSSC-CGL परीक्षा पास करने के बाद नौकरी जॉइन की थी और महज दो महीने पहले ही बरहड़वा में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी का पदभार संभाला था. पहली सैलरी मिलने से पहले ही रिश्वतखोरी के आरोप में उनकी गिरफ्तारी हो गई. मामले में दुमका की विजिलेंस कोर्ट में विजिलेंस केस संख्या 04/2026 के तहत मुकदमा लंबित है. हाई कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा.




