रांची/ रामगढ़। मांडू थाना क्षेत्र के हुवाग पंचायत अंतर्गत सिमरिया टांड़ में मंगलवार को जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गिरिडीह में पदस्थापित रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल को कथित तौर पर 10-15 लोगों ने लाठी-डंडे, ईंट और पत्थरों से बेरहमी से पीटकर हत्या कर दीर्। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें रांची रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, बालेश्वर पटेल ने करीब एक महीने पहले महेश प्रसाद और रामाशीष साव से 11 डिसमिल जमीन खरीदी थी। मंगलवार सुबह वह बोरिंग में समरसेबल लगाने सिमरिया टांड़ पहुंचे थे। इसी दौरान उक्त जमीन पर अपना दावा करने वाले ज्ञानी साव और उसके समर्थकों ने काम का विरोध किया। देखते ही देखते विवाद हिंसक रूप ले लिया।
परिजनों ने कई लोगों को नामजद किया एफआईआर
मृतक के परिजनों ने पमपम उर्फ संतोष, विष्णु कुमार, विनय, पूजा, डॉली कुमारी, शकुंतला देवी, रूबी कुमारी, रामू साव उर्फ ज्ञानी साव समेत कई लोगों को नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि सभी ने मिलकर जानलेवा हमला किया। परिजनों का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी देते थे।
मृतक के रिश्तेदार पंकज कुमार महतो ने बताया कि सूचना मिलते ही वे घटनास्थल पहुंचे, लेकिन तब तक बालेश्वर पटेल गंभीर रूप से घायल हो चुके थे. उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मांडू विधायक निर्मल कुमार महतो समेत कई जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे. विधायक निर्मल कुमार महतो ने कहा कि बालेश्वर पटेल सरकारी कर्मचारी थे और उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थेंं। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े इस तरह की निर्मम हत्या कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस ने की कार्रवाई
मांडू थाना प्रभारी सदानंद कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पता चला कि जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल को इलाज के लिए रांची रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक की पहचान बालेश्वर पटेल के रूप में हुई है, जो गिरिडीह में रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत थे। मामले में परिजनों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
घटना में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।


