नई दिल्ली : 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के पहले दिन भारत ने एक बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल की है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन में समूह के सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से साझा ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को अपनी मंजूरी दे दी। पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष को लेकर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच उभरे गहरे मतभेदों के बावजूद कई दौर की बैक-चैनल वार्ता के बाद यह ऐतिहासिक सहमति बनी। चूंकि ब्रिक्स आम सहमति (Consensus) के आधार पर कार्य करता है, इसलिए किसी भी एक देश का विरोध घोषणापत्र को रोक सकता था, जिसे दूर करने में भारतीय कूटनीति सफल रही।
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“बदलती दुनिया को पुरानी संस्थाएं नहीं चला सकतीं”
सम्मेलन के पहले दिन के सत्र की समाप्ति पर पीएम मोदी ने घोषणापत्र के अंगीकार किए जाने का ऐलान किया। अपने समापन संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “आज की चर्चा से यह स्पष्ट है कि बदलती दुनिया को पुरानी पड़ चुकी संस्थाओं के जरिए नहीं चलाया जा सकता। प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और नियम बनाने की प्रक्रिया में सुधार अब अत्यंत जरूरी हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ को भविष्य की नई तकनीकों के विकास और उनके नियम तय करने में समान हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि नई दिल्ली घोषणापत्र हमारे साझा संकल्पों को स्पष्ट दिशा प्रदान करता है और अब इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी सभी सदस्यों की है।
20वीं वर्षगांठ पर डाक टिकट जारी और वृक्षारोपण
वर्ष 2026 में ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर पीएम मोदी ने दो विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किए। इसके अलावा, सम्मेलन में भाग ले रहे सभी ब्रिक्स देशों के शीर्ष नेताओं ने समूह फोटो (Group Photo) खिंचवाई और भारत मंडपम के बाहरी प्रांगण में एक साथ पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक साझेदारी का संदेश दिया।
Delhi: At the BRICS Summit 2026, PM Narendra Modi launches two postage stamps commemorating 20 years of BRICS.
(Pics: DD News) pic.twitter.com/1IN98fpu8T
— ANI (@ANI) September 12, 2026
11 देशों के नेता और वैश्विक एजेंडा
भारत की मेजबानी में “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability) थीम के तहत आयोजित इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, भारत, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और UAE समेत 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा सहित कई शीर्ष नेता सम्मेलन में भाग लेने दिल्ली पहुंचे हैं। इससे पूर्व पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की।






