गुवाहाटी : असम के सीएम डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की है। शिवसागर और चराईदेव जिलों के ऐसे घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई का बिजली बिल नहीं देना होगा, जिन्होंने महीने में 300 यूनिट तक बिजली का उपयोग किया है। इस खर्च का भुगतान राज्य सरकार सीएम राहत कोष से करेगी। सीएम ने बताया कि 3 अगस्त से बाढ़ प्रभावित पात्र परिवारों के बैंक खातों में 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भेजी जाएगी। इसके अलावा प्रभावित छात्रों को मुफ्त स्कूल यूनिफॉर्म और नोटबुक देने तथा शिवसागर और चराईदेव के निवासियों का मौजूदा वित्तीय वर्ष का जमीन का लगान माफ करने की भी घोषणा की गई है।
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300 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वालों का बिल भरेगी सरकार
फेसबुक लाइव के दौरान सीएम डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि इस राहत योजना का उद्देश्य हाल की बाढ़ से प्रभावित परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना है। उन्होंने बताया कि 300 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के खातों को सरकार रिचार्ज करेगी। वहीं, इसी खपत सीमा में आने वाले पोस्टपेड उपभोक्ताओं के जुलाई महीने के बिजली बिल का भुगतान सीएम राहत कोष से किया जाएगा। जिन उपभोक्ताओं ने जुलाई में 300 यूनिट से अधिक बिजली का उपयोग किया है, उन्हें लागू नियमों के अनुसार अपना बिजली बिल देना होगा। सीएम 2 से 5 अगस्त तक ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहकर स्थिति का जायजा लेंगे और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान वे डिब्रूगढ़ स्थित सीएम सचिवालय में विशेष बैठकों में भी शामिल होंगे।
85 हजार से अधिक परिवारों को मिल सकती है आर्थिक सहायता
सीएम ने कहा कि 3 अगस्त से बाढ़ प्रभावित पात्र परिवारों के बैंक खातों में 15 हजार रुपये भेजे जाएंगे। शिवसागर में करीब 55 हजार, चराईदेव में 20 हजार, जोरहाट में 7 हजार और गोलाघाट में 3 हजार लाभार्थियों को इस सहायता का लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि जो परिवार अभी तक विस्थापित हैं और अपने घर नहीं लौट पाए हैं, उन्हें 10 अगस्त से 10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। शिवसागर और चराईदेव के निवासियों के लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष का जमीन का लगान, जिसे माटी खजाना भी कहा जाता है, माफ करने की घोषणा की गई है।
छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म और नोटबुक
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में छात्रों की स्कूल वापसी को आसान बनाने के लिए सरकार शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में कक्षा 1 से 8 तक के प्रभावित विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म के दो सेट और मुफ्त नोटबुक उपलब्ध कराएगी। सरकार ने स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने के लिए सीएम राहत कोष से 7.62 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल 10 अगस्त से दोबारा खुलने वाले हैं।
सीएम ने बताया कि 5 और 6 अगस्त के बीच क्षतिग्रस्त संस्थानों की मरम्मत के लिए भी अनुदान जारी किया जाएगा। नुकसान के आधार पर नामघरों के लिए 1.5 लाख रुपये और आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए 2 लाख से 2.5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। सीएम ने कहा कि असम में बाढ़ की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और राज्य की अधिकांश सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। उन्होंने कहा कि हालात पूरी तरह सामान्य होने तक सरकार राहत और पुनर्वास कार्य जारी रखेगी।




