नई दिल्ली : फुकेत-दिल्ली उड़ान के एक पायलट के डोपिंग टेस्ट में मरिझुआना (गांजा) के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद एअर इंडिया ने बड़ा फैसला लिया है। एयरलाइन प्रबंधन ने अपने पूरे ग्रुप के सभी पायलटों का पूर्ण डोप टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। यह नया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। कर्मचारियों को भेजे गए एक औपचारिक पत्र में एअर इंडिया ने स्पष्ट किया कि एयरलाइन भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सभी नियामक मानकों का पूरी तरह पालन करती है। ये मानक यूरोप और अमेरिका जैसे प्रमुख वैश्विक विमानन क्षेत्रों के नियमों के समान हैं।
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एयरलाइन प्रबंधन के अनुसार, सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक कदम आगे बढ़ते हुए यह फैसला लिया गया है। इस पूरी जांच प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पायलट किसी गैर-अनुमत दवा या नशीले पदार्थ का सेवन न कर रहा हो। यह जांच प्रक्रिया गुरुग्राम स्थित एअर इंडिया की अकादमी के साथ-साथ उड़ान के बाद फ्लाइट ब्रीफिंग केंद्रों और एयरलाइन के कार्यालयों में आयोजित की जाएगी।
यात्रियों के विश्वास और सुरक्षा के लिए उठाया कदम
कंपनी ने पत्र में लिखा कि नियामक मानकों से आगे बढ़कर उठाया गया यह कदम एअर इंडिया के सुरक्षा और व्यावसायिकता के उच्च मापदंडों को दर्शाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों, हितधारकों और समाज को यह विश्वास दिलाना है कि एयर इंडिया सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करती। एअर इंडिया ने आगे कहा कि दशकों से भारतीय विमानन का ध्वजवाहक रहने के दौरान उसके पायलटों और कर्मचारियों ने लाखों यात्रियों का विश्वास जीता है। यह विश्वास एयरलाइन की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति है, जिसे सुरक्षित रखना बेहद आवश्यक है।




