रांची : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा में वित्तीय अनियमितता और कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मामले की जल्द जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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मरांडी ने अपने पत्र में एम्बुलेंस संचालन करने वाली एजेंसी सम्मान फाउंडेशन, पटना को किए गए कथित अधिक भुगतान की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अधिक भुगतान की राशि वापस लेने के साथ एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
खराब एम्बुलेंस के भुगतान पर सवाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राज्य में 108 एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कई जिलों में कुछ एम्बुलेंस वाहन लंबे समय से खराब पड़े हैं, लेकिन उनके लिए भी निर्धारित राशि का भुगतान एजेंसी को किया जा रहा है। पत्र में मरांडी ने कहा कि उनके पास इस संबंध में कुछ दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध हुए हैं, जिन्हें उन्होंने पत्र के साथ संलग्न किया है। उनके अनुसार, राज्य में कुल 543 एम्बुलेंस का परिचालन किया जा रहा है।
80 खराब एम्बुलेंस के भुगतान का आरोप
मरांडी के मुताबिक, 5 फरवरी 2025 को 500 एम्बुलेंस के संचालन की जिम्मेदारी सम्मान फाउंडेशन, पटना को दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि एजेंसी के तहत करीब 2,200 चालक, टेक्नीशियन और कॉल सेंटर कर्मचारी कार्यरत हैं। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि विभिन्न जिलों में करीब 80 एम्बुलेंस कई-कई महीनों से खराब पड़ी हैं। इसके बावजूद प्रति एम्बुलेंस 93 हजार रुपये प्रतिमाह की निर्धारित दर से भुगतान किया जा रहा है। पत्र में उन्होंने दावा किया कि खराब पड़ी 80 एम्बुलेंस का कुल 618 महीनों का भुगतान किया गया, जिसकी राशि करीब 5 करोड़ 74 लाख 74 हजार रुपये है। उन्होंने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
PF और ESI राशि जमा नहीं करने का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने पत्र में कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्मान फाउंडेशन के संचालक इरफान आलम की ओर से फरवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक नौ महीने की PF और ESI राशि जमा नहीं की गई है। मरांडी के अनुसार, यह राशि करीब 7 करोड़ 12 लाख रुपये है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के हितों से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। नेता प्रतिपक्ष ने कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक कर्मचारियों का वेतन लंबित है। इसके अलावा ओवरटाइम भुगतान समेत अन्य समस्याओं का भी पत्र में उल्लेख किया गया है।
एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
बाबूलाल मरांडी ने अपर मुख्य सचिव से पूरे मामले की शीघ्र जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने सम्मान फाउंडेशन को किए गए कथित अधिक भुगतान की राशि वापस लेने, एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कर्मचारियों से जुड़े मामलों का भी संज्ञान लेकर उनके समाधान की पहल करने और की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराने का आग्रह किया है।








