रांची में नई बोरवेल नियमावली का विरोध, एसोसिएशन ने जताई चिंता

रांची : रांची बोरवेल ऑनर एंड एजेंट्स एसोसिएशन की बैठक रविवार को रातू रोड स्थित विशालाक्षी बैंक्वेट हॉल में हुई। बैठक में रांची नगर निगम की प्रस्तावित नई नियमावली से आम नागरिकों, एजेंटों और बोरिंग गाड़ी मालिकों पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक बोझ और परेशानियों

बोरवेल
बैठक में बनी रणनीति

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची : रांची बोरवेल ऑनर एंड एजेंट्स एसोसिएशन की बैठक रविवार को रातू रोड स्थित विशालाक्षी बैंक्वेट हॉल में हुई। बैठक में रांची नगर निगम की प्रस्तावित नई नियमावली से आम नागरिकों, एजेंटों और बोरिंग गाड़ी मालिकों पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक बोझ और परेशानियों को लेकर चिंता जताई गई। एसोसिएशन के संरक्षक के.के. गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित नियमावली के अनुसार छोटे व्यास की बोरिंग के लिए भी नगर निगम से अनुमति लेना जरूरी होगा। उन्होंने अनुमति के लिए प्रस्तावित शुल्क को अनुचित और अधिक बताया।

Read More : रांची दुर्गा पूजा समिति की नई कार्यकारिणी गठित, रवींद्र वर्मा अध्यक्ष

घरेलू और व्यावसायिक बोरिंग के शुल्क पर आपत्ति

के.के. गुप्ता के अनुसार, घरेलू बोरिंग के लिए 5,000 वर्गफीट से कम क्षेत्र में 2,500 रुपये और इससे अधिक क्षेत्र के लिए 5,000 रुपये शुल्क प्रस्तावित है। वहीं, व्यावसायिक बोरिंग के लिए 1,000 वर्गफीट क्षेत्र तक 5,000 रुपये और इससे अधिक क्षेत्र के लिए प्रति वर्गफीट 10 रुपये शुल्क लेने की योजना पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बोरिंग स्थल का अधीक्षण या सहायक अभियंता द्वारा निरीक्षण किए जाने के बाद ही छोटे यानी 4.5 इंच व्यास वाले बोरिंग की अनुमति देने का प्रावधान भी प्रक्रिया को जटिल बनाता है। एसोसिएशन ने आशंका जताई कि ऐसी जटिल व्यवस्था की आड़ में अवैध राशि वसूली की गुंजाइश बन सकती है।

होल्डिंग नंबर और जमीन के कागजात पर भी सवाल

बैठक की अध्यक्षता कर रहे महेश चंद्रा ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत घर में बोरिंग कराने के लिए होल्डिंग नंबर और खाली जमीन पर बोरिंग के लिए जमीन से जुड़े कागजात जरूरी होंगे। उन्होंने कहा कि रांची में ऐसे कई मकान हैं, जिनके पास होल्डिंग नंबर नहीं है या जमीन से जुड़े पर्याप्त कागजात उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोगों को पानी की सुविधा से वंचित किया जाना चाहिए।

बिना रसीद पैसे मांगने का आरोप

एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष गगण शर्मा ने आरोप लगाया कि नई नियमावली अभी लागू भी नहीं हुई है और निगम की ओर से कुछ एजेंटों से बिना रसीद पैसे मांगे गए हैं। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मामले की शिकायत उच्च स्तर पर करने की बात कही। वरिष्ठ सदस्य सुनील तिवारी ने वाटर हार्वेस्टिंग की अनिवार्यता को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि केवल नई बोरिंग कराने वालों के बजाय सरकार और नगर निगम को सभी घरों में वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर व्यापक योजना बनानी चाहिए। उन्होंने सड़कों और नालियों के बीच खाली जमीन पर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने तथा आसपास के घरों और सड़कों के पानी को भूमि जल संचयन के लिए इस्तेमाल करने की योजना बनाने का सुझाव दिया।

मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

एसोसिएशन ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि जल्द ही एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, नगर निगम के महापौर, उपमहापौर, नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त, वार्ड पार्षद और अन्य संबंधित लोगों से मुलाकात कर अपना पक्ष और सुझाव रखेगा। अगले सप्ताह नई नियमावली से प्रभावित नागरिकों के साथ बड़ी बैठक करने की भी योजना बनाई गई है। इसमें संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आमंत्रित कर अपना पक्ष रखने की बात कही गई।

एसोसिएशन का कहना है कि प्रस्तावित नियमावली को सरल और आर्थिक रूप से आम लोगों के लिए बोझमुक्त बनाया जाना चाहिए। साथ ही दंडात्मक कार्रवाई से राहत और अवैध खर्च की संभावना को खत्म करने को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। बैठक में राजेश प्रसाद, विनोद वर्मा, प्रदीप प्रसाद, मो. क्यूम अंसारी, मो. खान, मंटू कुमार, सुजीत तिवारी, मो. आरिफ, मो. रऊफ, जितेंद्र सिंह, अमरदीप सोनी, छोटू चौधरी, जीतेन्द्र कुमार, दीपू प्रजापति, प्रशांत कुमार, रुपेश कुमार, मनोज कुमार, मयंक राज, सम्पूर्ण प्रसाद, प्रकाश सिंह, संदीप सिंह, संतोष अस्थाना, मो. रेहान, रवि महली, मो. एजाज अंसारी, मो. तौसीफ, मो. तस्लीम, पिंटू सिंह, दीपक कुमार और अभय चौधरी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.