अनुष्का चक्रवर्ती मौत मामला : हाईकोर्ट ने जांच में तेजी लाने का दिया निर्देश

रांची : झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत के मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति रंगोन मुखोपाध्याय की पीठ ने पुलिस को जांच में तेजी लाने और मामले में शामिल बाकी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। सुनवाई के

अनुष्का चक्रवर्ती

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रांची : झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत के मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति रंगोन मुखोपाध्याय की पीठ ने पुलिस को जांच में तेजी लाने और मामले में शामिल बाकी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि मामले में एक आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। कोर्ट ने पुलिस को मामले के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए ठीक से जांच करने का निर्देश दिया।

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अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई का निर्देश

हाईकोर्ट ने पुलिस को मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। कोर्ट ने जांच में तेजी लाने और सभी पहलुओं की पड़ताल करने पर जोर दिया। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार के साथ अधिवक्ता शशिकांत जायसवाल, अंशु कुमारी, विवेक कुमार और विकास कुमार ने पक्ष रखा।

22 अक्टूबर को फ्लैट में मिला था अधिवक्ता का शव

गौरतलब है कि 22 अक्टूबर को हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। वह झारखंड हाईकोर्ट में वकालत करती थीं। घटना के बाद उनके पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया था। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

पति ने किया था आत्मसमर्पण, एसआईटी कर रही जांच

मामले में आरोपी पति कुशाग्र रुद्र राणा ने 29 अक्टूबर को हजारीबाग के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे 48 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद 2 नवंबर को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस के अलावा सीआईडी भी आरोपी से पूछताछ कर चुकी है। जांच के दौरान घटना के दिन के घटनाक्रम, पारिवारिक विवाद और अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। हाईकोर्ट इससे पहले भी राज्य सरकार से मामले की जांच की विस्तृत रिपोर्ट मांग चुका है।

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