रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के वोट की ताकत सबसे बड़ी है और मताधिकार के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मुद्दे पर INDIA गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली करेगा।
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आलोक कुमार दूबे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनाव आयोग के कामकाज को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। दूबे ने कहा कि देश का लोकतंत्र किसी व्यक्ति या सरकार की निजी संपत्ति नहीं है।
मोदी-शाह के बयानों पर साधा निशाना
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बयानों से उनकी घबराहट साफ झलक रही है। INDIA गठबंधन के आंदोलन और देशभर में जनता के बीच बन रहे माहौल से केंद्र सरकार बेचैन है। इसी वजह से सत्ता पक्ष के नेता लगातार बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता का वोट लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इसकी पवित्रता से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। वोट चोरी का कथित खेल हर जगह दोहराया नहीं जा सकता और इसे रोकना जरूरी है।
सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेगा INDIA गठबंधन
दूबे ने कहा कि INDIA गठबंधन वोट चोरी के आरोपों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया गया है। हालांकि, यह लड़ाई सिर्फ अदालतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए सड़कों पर भी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज दबाने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध होगा। गठबंधन इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी महारैली
आलोक कुमार दूबे ने बताया कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। इसमें चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाताओं के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का संघर्ष नहीं है, बल्कि देश के लोकतंत्र और हर नागरिक के मताधिकार की रक्षा का सवाल है। रैली के जरिए इन मुद्दों को पूरे देश के सामने मजबूती से उठाया जाएगा।
RTI से सामने आई जानकारी पर उठाए सवाल
आलोक कुमार दूबे ने सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए सामने आई जानकारी का हवाला देते हुए चुनाव आयोग और सरकार के बीच पत्राचार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सामने आई जानकारी के अनुसार, चुनाव आयोग की ओर से कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र कथित तौर पर इस टिप्पणी के साथ वापस कर दिए गए कि उन पर कार्रवाई की जरूरत नहीं है। दूबे ने कहा कि यदि यह जानकारी सही है, तो इसकी जांच होनी चाहिए कि ऐसे फैसले किस स्तर पर लिए गए और क्या सरकार के शीर्ष नेतृत्व को इसकी जानकारी थी। उन्होंने इस पूरे मामले में पारदर्शी और तथ्यात्मक जवाब देने की मांग की।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जांच की मांग
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की स्थिति का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसकी निष्पक्षता पर उठने वाले सवाल गंभीर हैं। दूबे ने कहा कि यदि चुनाव आयोग के कामकाज में सरकारी हस्तक्षेप या उसे प्रभावित करने के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। किसी भी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता राजनीतिक हितों से ऊपर रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार और चुनाव आयोग, दोनों की संवैधानिक जिम्मेदारी है। मतदाताओं के मन में उठ रहे सवालों का जवाब आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि तथ्यों, पारदर्शिता और जवाबदेही से दिया जाना चाहिए। अंत में आलोक कुमार दूबे ने कहा कि INDIA गठबंधन वोट चोरी के मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगा। यह लड़ाई सुप्रीम कोर्ट से लेकर सड़क तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की दिशा में अहम कदम होगी। दूबे ने दोहराया कि वोट चोरी न पहले चलने दी गई है और न आगे चलने दी जाएगी।




