रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा आयोजित CM आवास घेराव कार्यक्रम पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने इस प्रदर्शन को पूरी तरह ‘फ्लॉप शो’ और कैमरों के लिए की गई ‘राजनीतिक नौटंकी’ करार दिया। आलोक दूबे ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी छात्रों के आंदोलन को हाईजैक कर अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
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‘राहुल गांधी की नकल करने से जनसरोकार और संघर्ष नहीं आता’
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा नेता राहुल गांधी की नकल करने की कोशिश में CM आवास तक मार्च करने तो पहुंच गए, लेकिन राहुल गांधी जैसा जनसरोकार, निष्ठा और संघर्ष केवल नकल करने से नहीं आ सकता। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को सचमुच छात्रों के भविष्य की चिंता होती, तो वह आंदोलन को राजनीतिक अखाड़ा बनाने के बजाय समाधान निकालने के लिए हेमंत सोरेन सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत करती।
हिंसा और तोड़फोड़ पर उठाए सवाल, पूछा- उपद्रवियों को किसने भेजा?
आलोक दूबे ने भाजपा नेतृत्व से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू यह स्पष्ट करें कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान पत्थरबाजी और वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले लोग कौन थे और उन्हें किसने भेजा था? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने छात्रों के आंदोलन को हिंसक बनाकर उनके वास्तविक और गंभीर मुद्दों को कमजोर करने का प्रयास किया है। लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी का कोई स्थान नहीं हो सकता।
छात्रों से अपील: किसी दल का राजनीतिक मोहरा न बनें
हेमंत सोरेन सरकार का पक्ष रखते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के मुद्दों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ संवाद का रास्ता अपना रही है। उन्होंने राज्य के युवाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों और भविष्य के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखें, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल को अपने कंधे पर बंदूक रखकर चलाने का मौका न दें। झारखंड की जनता भाजपा की इस राजनीतिक चालबाजी को भली-भांति समझ चुकी है।




