अजीत डोभाल का Operation Sindoor पर पहला इंटरव्यू… जानें क्या कहा

नई दिल्ली : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत की उदारता और सहनशीलता को किसी भी सूरत में कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत जोखिम उठाने में सक्षम है और नतीजों की परवाह किए

अजीत डोभाल

नई दिल्ली : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत की उदारता और सहनशीलता को किसी भी सूरत में कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत जोखिम उठाने में सक्षम है और नतीजों की परवाह किए बिना दुश्मन पर कड़ा प्रहार कर सकता है। अजीत डोभाल ने यह बात डिस्कवरी (Discovery) की आने वाली दो हिस्सों वाली विशेष डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए दिए गए अपने पहले इंटरव्यू में कही है।

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यह डॉक्यूमेंट्री 88 घंटे चले उस ऐतिहासिक और रणनीतिक सैन्य अभियान पर आधारित है, जिसका मुख्य उद्देश्य पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी कैंपों को पूरी तरह से तबाह करना था। डोभाल ने इंटरव्यू में खुलासा करते हुए कहा, “हमने इस ऑपरेशन का उद्देश्य दुश्मन के उन कैंपों को नष्ट करना तय किया था, जो मुख्य रूप से पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार थे।”

15 जनवरी को रात 9 बजे रिलीज होगी डॉक्यूमेंट्री

डिस्कवरी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दो भागों वाली यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसलों और जमीनी घटनाओं को देश के सामने लाएगी। इसमें भारत के सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा नेतृत्व की सीधी भागीदारी देखने को मिलेगी। यह सीरीज उन शीर्ष अधिकारियों के प्रत्यक्ष अनुभवों को सामने रखेगी, जिन्होंने इस सैन्य कार्रवाई की निगरानी की थी। इसमें एनएसए अजीत डोभाल सैन्य फैसलों के पीछे की रणनीति और भारत के दृढ़ संकल्प के बारे में बात करते नजर आएंगे। ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रीमियर शनिवार, 15 जनवरी को रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल और ओटीटी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म discovery+ पर होगा।

PoK और पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर किया था सटीक हमला

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले (Precision Strikes) किए थे। भारत सरकार के अनुसार, इन समन्वित हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे। इस सैन्य कार्रवाई के बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति व्यक्त की थी।

भारतीय सेना ने तबाह किए थे ये प्रमुख आतंकी ठिकाने

भारतीय सेना ने जिन 9 प्रमुख ठिकानों को अपना निशाना बनाकर नष्ट किया था, वे हैं :

  • सवाई नाला ट्रेनिंग सेंटर (मुजफ्फराबाद, PoK) : लश्कर का यह कैंप सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम में हमला करने वाले आतंकियों का ट्रेनिंग सेंटर था।

  • सैयदना बिलाल कैंप (मुजफ्फराबाद) : यहां आतंकियों को हथियार, विस्फोटक और जंगलों में जीवित रहने (जंगल सर्वाइवल) का प्रशिक्षण दिया जाता था।

  • गुरपुर कैंप (कोटली, PoK) : पूंछ में श्रद्धालुओं पर हमला करने वाले आतंकियों को यहीं प्रशिक्षित किया गया था।

  • बरनाला कैंप (भिम्बर, PoK) : यहां नए आतंकियों को हथियार चलाने का अभ्यास कराया जाता था।

  • अब्बास कैंप (कोटली, PoK) : एलओसी से 13 किमी दूर स्थित इस ठिकाने पर ‘फिदायीन’ (आत्मघाती) हमलावर तैयार किए जाते थे।

  • सरजल कैंप (सियालकोट) : पुलिस जवानों की हत्या में शामिल आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने का केंद्र।

  • हिजबुल महमूना जाया कैंप (सियालकोट) : पठानकोट एयरबेस हमले की साजिश यहीं रची गई थी।

  • मरकज तैयबा कैंप (मुरीदके) : 26/11 मुंबई हमले के आतंकी अजमल कसाब और डेविड कोलमैन हेडली को यहीं ट्रेंड किया गया था।

  • मस्जिद सुभान अल्लाह (बहावलपुर) : जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य मुख्यालय, जहां भर्ती और वरिष्ठ कमांडरों की बैठकें होती थीं।

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