पटना : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राजधानी पटना में छात्रों ने जश्न मनाया। डाकबंगला चौराहा और गांधी मैदान में बड़ी संख्या में छात्र जुटे। इस दौरान छात्रों ने ताली बजाकर नारे लगाए और इसे अपने आंदोलन की पहली बड़ी जीत बताया।
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छात्र संगठनों ने 20 जून से परीक्षा प्रणाली में सुधार, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किया था। इस्तीफे की सूचना मिलते ही प्रदर्शनकारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। गांधी मैदान में छात्रों ने मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी। छात्र नेताओं ने कहा कि यह उनकी एकजुटता और लंबे संघर्ष का परिणाम है।
CJP ने आंदोलन को बताया लोकतांत्रिक जीत
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे CJP के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा कि यह घटनाक्रम साबित करता है कि लोकतांत्रिक तरीके से चलाया गया आंदोलन भी सरकार को बड़े फैसले लेने के लिए मजबूर कर सकता है। उन्होंने इसे छात्रों की आवाज की जीत बताया और कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी आवश्यक है।
इस्तीफे में क्या कहा धर्मेंद्र प्रधान ने
उधर, धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से वह बेहद आहत हैं। उन्होंने लिखा कि यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं है, बल्कि वह नहीं चाहते कि छात्रों के आंदोलन का फायदा राष्ट्रविरोधी ताकतें उठाएं। इसी कारण उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपने का निर्णय लिया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत प्रतिक्रिया और आगे की प्रक्रिया का इंतजार है। छात्रों का कहना है कि उनकी अगली मांग परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार सुनिश्चित करने और पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।




