रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची ने 90 दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम के तहत तुपुदाना चौक में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया। यह कार्यक्रम माननीय न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष झालसा श्री सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, माननीय सदस्य सचिव झालसा कुमारी रंजना अस्थाना तथा माननीय न्यायायुक्त, रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डालसा सचिव श्री राकेश रौशन की मौजूदगी रही।
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कार्यक्रम के दौरान पीएलवी संजय उरांव, अमित बड़ाईक, सूरज वर्मा समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर झालसा द्वारा संचालित प्रोजेक्ट कर्तव्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया।
प्रोजेक्ट कर्तव्य की दी जानकारी
पीएलवी संजय उरांव और अमित बड़ाईक ने बताया कि प्रोजेक्ट कर्तव्य झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की एक संवेदनशील और कल्याणकारी योजना है। इसका उद्देश्य जेल में बंद कैदियों और उनके परिवारों को कानूनी सहायता, सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न सरकारी सुविधाओं से जोड़ना है।
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उन्होंने बताया कि योजना के तहत कैदियों को जमानत, पैरोल और अंतरिम जमानत से जुड़े अधिकारों की जानकारी दी जाती है। जिन कैदियों के पास अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता और पैनल वकील उपलब्ध कराए जाते हैं। इस दौरान नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी लोगों को दी गई।
लोक अदालत और सामाजिक मुद्दों पर भी किया जागरूक
डालसा के पीएलवी ने उपस्थित लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। साथ ही 18 जुलाई को आयोजित होने वाली एन.आई. एक्ट से संबंधित विशेष लोक अदालत तथा 12 सितम्बर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में अमित बड़ाईक और सूरज वर्मा ने बाल श्रम, बाल विवाह, डायन बिसाही और दहेज प्रथा जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी लोगों को जागरूक किया।
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