नई दिल्ली : उम्र अगर हौसलों के सामने छोटी पड़ जाए तो असंभव भी संभव हो जाता है। हरियाणा के कैथल जिले के बात्ता गांव के 80 साल के चूहड़ सिंह ने ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में 18 हजार फीट की ऊंचाई से स्काई डाइविंग कर न केवल अपनी बहादुरी का परिचय दिया, बल्कि हाथों में तिरंगा लहराकर देश का गौरव भी बढ़ाया। उनकी इस साहसिक छलांग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनके जज्बे की जमकर सराहना कर रहे हैं।
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स्काई डाइविंग के दौरान चूहड़ सिंह पूरे आत्मविश्वास के साथ नजर आए। उन्होंने सफेद कुर्ता पहनकर विमान से छलांग लगाई और नीचे उतरते समय कहा, “हम हरियाणवी हैं, किसी से नहीं डरते। डर होता तो विदेश नहीं आते।“ उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद ट्रेनर भी मुस्कुराते हुए उनका उत्साह बढ़ाते दिखाई दिए। डाइविंग के दौरान उन्होंने आसमान में तिरंगा भी लहराया, जिसने इस साहसिक अनुभव को और भी खास बना दिया।
चूहड़ सिंह अपने पोते अंकित के साथ दो महीने के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं। अंकित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं और हरियाणवी लाइफस्टाइल व ट्रैवल से जुड़े वीडियो बनाते हैं। दोनों 1 जून को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे और वहां अलग-अलग स्थानों का भ्रमण कर रहे हैं। इसी दौरान चूहड़ सिंह ने स्काई डाइविंग करने की इच्छा जताई, जिसे उनके पोते ने पूरा करने का फैसला किया।
यह पहली बार नहीं है जब चूहड़ सिंह ने इतनी बड़ी चुनौती स्वीकार की हो। इससे पहले वह पंजाब के पटियाला एयरफील्ड में 15 हजार फीट की ऊंचाई से भी स्काई डाइविंग कर चुके हैं। पहले अनुभव से मिले आत्मविश्वास के कारण उन्होंने इस बार और अधिक ऊंचाई यानी 18 हजार फीट से छलांग लगाने का निर्णय लिया। डाइविंग के दौरान वे लगभग 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से नीचे आए और करीब 60 सेकेंड तक खुले आसमान में उड़ान का रोमांच महसूस किया।
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इस दौरान उन्होंने सेल्फी स्टिक की मदद से कई तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड किए। वीडियो में उनका उत्साह साफ दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में थोड़ा डर जरूर महसूस हुआ, लेकिन पहले के अनुभव को याद कर उन्होंने खुद को संभाला और पूरे आत्मविश्वास के साथ छलांग लगा दी।
चूहड़ सिंह ने बताया कि शुरुआत में आयोजकों ने सुरक्षा कारणों से तिरंगा साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी थी। हालांकि, उनकी विशेष अनुरोध पर बाद में अनुमति मिल गई। इसके बाद उन्होंने डाइविंग के दौरान तिरंगा लहराकर देशभक्ति का संदेश दिया।
पोते अंकित ने बताया कि एक बार स्काई डाइविंग कराने में करीब 50 हजार रुपये का खर्च आता है। डाइविंग से पहले डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है और पूरी तरह फिट पाए जाने पर ही व्यक्ति को इसकी अनुमति मिलती है। उन्होंने कहा कि उनके दादा ने पूरी जिंदगी खेती-किसानी में मेहनत की है, इसलिए अब वे उन्हें दुनिया घूमाने और नई-नई चीजों का अनुभव कराने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले दोनों संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और थाईलैंड की यात्रा भी कर चुके हैं और आगे अन्य देशों में भी घूमने की योजना है।
अंकित ने बताया कि उनके दादा आज भी पूरी तरह देसी जीवनशैली अपनाते हैं। वे घर का बना भोजन, दूध, दही, रोटी और खिचड़ी खाना पसंद करते हैं। परिवार के पास पांच एकड़ कृषि भूमि है, जहां खेती होती है। 80 वर्ष की उम्र में भी चूहड़ सिंह का यह साहस और जीवन के प्रति उनका सकारात्मक नजरिया युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें “रियल हीरो” और “सुपर दादा” जैसे नामों से सम्मान दे रहे हैं।




