नई दिल्ली : दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित व्यस्त इलाके सत्य निकेतन में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक लगभग 40 साल पुरानी 5 मंजिला पीजी (पेइंग गेस्ट) इमारत ताश के पत्तों की तरह अचानक ध्वस्त हो गई। हादसे के दूसरे दिन यानी आज भी मलबे को हटाने और राहत-बचाव का काम युद्धस्तर पर जारी है। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि रेस्क्यू टीम ने 12 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला है। गंभीर रूप से घायल 5 लोगों को इलाज के लिए एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है। मलबे में अभी भी कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए रेस्क्यू टीम विशेष कैमरों और स्निफर डॉग्स की मदद से तलाश में जुटी है।
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बेसमेंट में तोड़फोड़ बनी हादसे का मुख्य कारण
मिली जानकारी के अनुसार पिछले सात दिनों से इमारत के बेसमेंट में तोड़फोड़ और मरम्मत का काम कराया जा रहा था। बेसमेंट में पानी भरा होने के कारण इमारत की नींव पहले से ही कमजोर हो चुकी थी। खुदाई के दौरान अचानक एक मुख्य पिलर खिसक गया, जिससे पूरी की पूरी 5 मंजिला इमारत पल भर में ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हादसे के प्रभाव से पास की एक अन्य बिल्डिंग में भी गंभीर दरारें आ गई हैं। मलबा हटाने के दौरान इसके भी गिरने की आशंका को देखते हुए बिल्डिंग को तुरंत खाली करा लिया गया है और जैक व पिलर लगाकर सहारा दिया जा रहा है।
आरोपी फरार
हादसे के बाद से ही इमारत का मुख्य मालिक आनंद बंसल (उर्फ हरि राम बंसल) अपना फोन बंद कर फरार है। बताया जा रहा है कि वह गुरुग्राम का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भवन मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। हैरानी की बात यह है कि 40 साल पुरानी होने के बावजूद यह इमारत दिल्ली नगर निगम (MCD) के खतरनाक भवनों की सूची में दर्ज नहीं थी।
छात्रों का प्रमुख गढ़ है सत्य निकेतन
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के ठीक सामने स्थित एक बेहद भीड़भाड़ वाला इलाका है। यहाँ वेंकटेश्वर, आर्यभट्ट, मोतीलाल नेहरू और मैत्रेयी जैसे प्रमुख कॉलेज पास होने के कारण हजारों छात्र पीजी और हॉस्टलों में रहते हैं। दिनभर छात्रों की भारी आवाजाही रहने वाले इस इलाके में सुरक्षा को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 2022 से 2025 के बीच कुल 1,133 इमारतें ढही हैं, जिनमें 98 लोगों की जानें जा चुकी हैं।
CM ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन पीजी हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं, दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने ऐलान किया है कि 4 मंजिल से ज्यादा वाले सभी अवैध निर्माणों को तत्काल सील किया जाएगा और दोषी अधिकारियों को बर्खास्त किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 6 सितंबर 2026 को MCD ने एक आदेश जारी कर सत्य निकेतन इलाके में बनी सभी जर्जर और खतरनाक इमारतों पर डिमोलिशन नोटिस चिपका दिया है।




