लातेहार : झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित कोमर गांव में बीती देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां मकई के खेत में लगाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से एक जंगली हाथी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की गहन जांच में जुट गई है।
रात में गांव में घुसा था 15 हाथियों का झुंड
वन विभाग के ट्रैकर पप्पू महतो ने बताया कि रविवार रात लगभग 15 की संख्या में जंगली हाथियों का झुंड गांव की तरफ आया था। रात दो बजे तक वन विभाग की टीम हाथियों पर नजर रखे हुए थी और उन्हें गांव से खदेड़ दिया गया था। लेकिन कुछ ही देर बाद हाथियों का झुंड दोबारा गांव की ओर लौट आया और एक ग्रामीण के मकई के खेत में चला गया। खेत में पहले से ही नंगे बिजली के तार बिछाए गए थे, जिसकी चपेट में आते ही एक हाथी ने दम तोड़ दिया।
अन्य हाथियों के भी घायल होने की आशंका
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय कई हाथियों के जोर-जोर से चिंघाड़ने की आवाजें आ रही थीं। इससे आशंका जताई जा रही है कि करंट की चपेट में आने से कुछ अन्य हाथी भी घायल हुए होंगे। हालांकि, वन विभाग या प्रशासन की ओर से अन्य हाथियों के घायल होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मना करने के बाद भी बिछाया गया था तार
वन समिति के अध्यक्ष सुनील उरांव ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि बार-बार मना करने के बावजूद खेत में खतरनाक तरीके से बिजली का तार लगाया गया था, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ। वहीं, ट्रैकर पप्पू महतो ने कहा कि यदि वे लोग हाथियों को भगाने के लिए तुरंत उस स्थान पर जाते, तो वे भी बिजली की चपेट में आ सकते थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा स्पष्ट कारण का खुलासा
फॉरेस्ट रेंज पदाधिकारी नंद कुमार मेहता ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। मृत हाथी के पोस्टमार्टम के लिए एक मेडिकल टीम का गठन किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही और स्पष्ट कारणों का पता चल सकेगा। वहीं, लातेहार डीएफओ प्रवेश अग्रवाल ने बताया कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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