रांची : झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर राज्यभर के 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने 7 अक्टूबर 2026 को विभिन्न जिलों में काला बिल्ला लगाकर काम किया और अपनी लंबित मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। संघ का कहना है कि सरकार की ओर से 15–20 दिनों में ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
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15–20 दिन का आश्वासन हुआ खत्म
झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सूरज साहू ने कहा कि 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए 15–20 दिनों के भीतर सकारात्मक और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। सूरज साहू के मुताबिक, निर्धारित समय-सीमा अब समाप्त हो चुकी है, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे राज्यभर के 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों में आक्रोश और असंतोष है।
उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस कर्मचारी दिन-रात अपनी जान की परवाह किए बिना गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना पीड़ितों और अन्य जरूरतमंद लोगों तक आपातकालीन चिकित्सा सेवा पहुंचाते हैं। इसके बावजूद वेतन, रोजगार सुरक्षा और वैधानिक अधिकारों से जुड़े मामलों का लंबे समय से समाधान नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
संघ ने 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन सरकारी स्तर पर शुरू करने और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान सिविल सर्जन के माध्यम से सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा सम्मान फाउंडेशन द्वारा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को संबंधित जिले में दोबारा बहाल करने की मांग भी की गई है। संघ ने सभी कर्मचारियों को EPF, ESI, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन सहित सभी श्रमिक एवं वैधानिक अधिकार देने की मांग रखी है।
आश्वासन पर आंदोलन वापस नहीं होगा
प्रदेश महामंत्री सूरज साहू ने कहा कि इस बार सिर्फ आश्वासन के आधार पर आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध और ठोस समाधान सरकार को सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कर्मचारियों की न्यायसंगत मांगों और वैधानिक अधिकारों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से जारी रहेगा।
21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
संघ ने आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम भी जारी किया है। इसके तहत 6 से 9 अक्टूबर 2026 तक राज्यभर के 108 एम्बुलेंस कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम करते हुए विरोध दर्ज करा रहे हैं। 9 अक्टूबर को शाम 4 बजे से 7 बजे तक सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। 12 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष भिक्षाटन कार्यक्रम होगा। वहीं, 14 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
16 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक राज्यव्यापी एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल और NHM कार्यालय, नामकुम, रांची के समक्ष महाधरना आयोजित किया जाएगा। संघ ने कहा है कि 21 अक्टूबर 2026 से यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल और चरणबद्ध आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत की जाएगी। संघ के मुताबिक, आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से चलाया जा रहा है। कर्मचारियों का उद्देश्य आपातकालीन सेवा को बाधित करना नहीं, बल्कि अपनी न्यायसंगत मांगों और वैधानिक अधिकारों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। संघ ने झारखंड सरकार और संबंधित विभाग से 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल वार्ता करने और ठोस एवं समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की है।




