पटना। बिहार के सिवान जिले में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस फायरिंग को लेकर नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो विपक्ष बड़ा आंदोलन करेगा।
सोमवार को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “बिहार में किसके आदेश से AK-47 से गोलियां चलाई गईं? वीडियो देखने पर साफ दिखाई देता है कि हवाई फायरिंग नहीं, बल्कि निशाना लगाकर गोली चलाई गई। तीन छात्रों को गोली लगी है। हम कल उन छात्रों से मिलकर आए हैं। आखिर किसके आदेश पर यह कार्रवाई हुई? इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कई निर्दोष लोगों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। तेजस्वी ने कहा कि यदि सरकार छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेती और सभी छात्रों को रिहा नहीं करती, तो आरजेडी व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।
क्या है पूरा मामला?
25 जुलाई को NEET पेपर लीक के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के दौरान सिवान में छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया था। इसी दौरान पुलिस की ओर से फायरिंग की गई, जिसमें तीन छात्र घायल हो गए। घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक एसआईटी जवान AK-47 राइफल से फायरिंग करता दिखाई दिया।
वीडियो सामने आने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
वहीं, सिवान पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान हालात को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग की गई थी। दूसरी ओर विपक्ष का आरोप है कि छात्रों को निशाना बनाकर गोली चलाई गई। मामले की जांच जारी है और प्रशासन रिपोर्ट आने का इंतजार करने की बात कह रहा है।




