रांची: शहर के जलाशयों के संरक्षण, पुनर्जीवन, सौंदर्यीकरण और उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में रांची नगर निगम की ओर से लगातार पहल की जा रही है। इसी क्रम में 24 जुलाई 2026 को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने वार्ड संख्या-01, कांके रोड स्थित चंदवे तालाब का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने तालाब की वर्तमान स्थिति, जलाशय क्षेत्र, आसपास के इलाके और प्रस्तावित जीर्णोद्धार कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अभियंताओं और पदाधिकारियों से कार्ययोजना एवं प्रगति की जानकारी लेते हुए जीर्णोद्धार कार्य को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
₹2.28 करोड़ की लागत से होगा चंदवे तालाब का जीर्णोद्धार
नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT) 2.0 के तहत रांची नगर निगम क्षेत्र के चंदवे तालाब के जीर्णोद्धार के लिए कुल ₹2.28 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। योजना के तहत तालाब के समग्र विकास और सौंदर्यीकरण के लिए कई कार्य किए जाएंगे। इसमें तालाब का जीर्णोद्धार, घाट निर्माण, पाथवे विकास, बाउंड्री निर्माण, हॉर्टिकल्चर कार्य सहित अन्य आवश्यक सिविल वर्क्स शामिल हैं। इसका उद्देश्य जलाशय को संरक्षित करने के साथ आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित और नागरिकों के अनुकूल बनाना है।
पहुंच पथ और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर जोर
स्थलीय निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने तालाब तक नागरिकों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पहुंच पथ से जुड़े आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता से कराने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि जीर्णोद्धार कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और सभी काम तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। नगर आयुक्त ने कहा कि जलाशयों का संरक्षण केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह शहर के पर्यावरणीय संतुलन, जल संरक्षण और नागरिकों के बेहतर जीवन से भी सीधे जुड़ा हुआ है। इसलिए चंदवे तालाब के जीर्णोद्धार में जलाशय की मूल संरचना और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अतिक्रमण चिन्हित कर नोटिस जारी करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान तालाब क्षेत्र के आसपास संभावित अतिक्रमण का भी जायजा लिया गया। नगर आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को अतिक्रमित क्षेत्र को चिन्हित करने और संबंधित भवनों एवं निर्माणों को नियमानुसार नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलाशय और उसकी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखना निगम की प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त ने बताया कि नियमानुसार वाटर बॉडीज की अधिगृहित भूमि से 15 मीटर की परिधि के भीतर किसी भी प्रकार के भवन अथवा अन्य निर्माण पर प्रतिबंध है। इस प्रावधान का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए जलाशय क्षेत्र की सुरक्षा और संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश संबंधित टीम को दिया गया। रांची नगर निगम का लक्ष्य शहर के प्राकृतिक जलस्रोतों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनके जीर्णोद्धार, अतिक्रमण हटाने और नागरिक सुविधाओं के विकास के जरिए बेहतर सार्वजनिक स्थल तैयार करना है। इन प्रयासों से जलाशयों को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों को सुरक्षित रखने की दिशा में मदद मिलेगी। निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता राम बदन सिंह, नगर प्रबंधक, भू-संपदा शाखा की टीम सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।








