नई दिल्ली: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ लंबी दूरी के हमले जारी रखने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि गुरुवार रात किए गए यूक्रेनी हमलों में रूस की पर्म तेल रिफाइनरी, मैरिनोवका सैन्य हवाई अड्डे और कई अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि यूक्रेन अपनी लंबी दूरी की जवाबी कार्रवाई जारी रखे हुए है। उनके मुताबिक, बीती रात किए गए हमलों में सीमा से 1,600 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित पर्म की तेल रिफाइनरी और रूस के वोल्गोग्राद क्षेत्र में स्थित मैरिनोवका सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि काला सागर क्षेत्र में भी यूक्रेन को कुछ परिणाम मिले हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने पहले किए गए हमलों के पुष्टि किए गए परिणामों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अग्रिम मोर्चे से करीब 600 किलोमीटर दूर स्थित अख्तुबिंस्क हवाई अड्डे पर रूस का एक एसयू-34 लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हुआ है। जेलेंस्की के अनुसार, करीब 180 किलोमीटर दूर स्थित प्रिमोर्स्को-अख्तार्स्क में हमलावर ड्रोन के भंडारण, तैयारी और लॉन्च केंद्र को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि रूस इन ड्रोन का इस्तेमाल यूक्रेन के लोगों पर हमले के लिए करता है।
जेलेंस्की ने कहा कि रूस की ओर से घातक हमले लगातार जारी हैं। उनके मुताबिक, बुधवार देर रात रूस ने यूक्रेन में बड़े पैमाने पर हमले किए। उन्होंने दावा किया कि रूस ने इन हमलों की लंबे समय से तैयारी की थी और बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन समेत अलग-अलग हथियारों का एक साथ इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य नागरिक बुनियादी ढांचे को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाना था। कीव और उसके आसपास के इलाकों के अलावा ओडेसा और चेर्नीहीव क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ।
इसके साथ ही जेलेंस्की ने रूस के सैन्य-औद्योगिक ढांचे और रूस का समर्थन करने वाले लोगों के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपने प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ समन्वय में आगे बढ़ाएगा।








