ढाका: बांग्लादेश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर शुक्रवार शाम राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह ढाका स्थित बंगभवन के दरबार हॉल में शाम 7:30 बजे आयोजित किया जाएगा। स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, 78 वर्षीय मिर्जा फखरुल को गुरुवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में संसद सदस्यों ने देश का 23वां राष्ट्रपति चुना। उन्हें 255 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और 11 दलों के विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार सेवानिवृत्त कर्नल ओली अहमद को 88 वोट मिले। कुल 349 सांसद मतदान के पात्र थे, जिनमें से 343 ने मतदान किया। बांग्लादेश में 35 वर्षों बाद यह पहला राष्ट्रपति चुनाव था, जिसमें एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे। इससे पहले 1991 में राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला हुआ था। इसके बाद लगातार राष्ट्रपति निर्विरोध चुने जाते रहे।
यूएनबी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मिर्जा फखरुल लंबे समय से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। वह 2016 से पार्टी के महासचिव के पद पर थे। फरवरी 2026 के आम चुनाव में बीएनपी की सत्ता में वापसी और तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद फखरुल का राष्ट्रपति चुना जाना पार्टी के राजनीतिक प्रभाव को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। मिर्जा फखरुल का राजनीतिक सफर पांच दशक से अधिक पुराना है। राजनीति में आने से पहले वह शिक्षक रहे और वामपंथी विचारों से प्रभावित छात्र कार्यकर्ता के तौर पर भी सक्रिय रहे। शेख हसीना के लंबे शासनकाल के दौरान वह विपक्ष के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर बीएनपी के आंदोलनों में भी वह अग्रिम पंक्ति में नजर आए।
राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने मिर्जा फखरुल को बधाई दी। विपक्ष के नेता शफीकुर रहमान और चुनाव में पराजित उम्मीदवार ओली अहमद ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। बांग्लादेश में राष्ट्रपति का पद मुख्य रूप से संवैधानिक और औपचारिक है। हालांकि, राष्ट्रपति देश के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर भी होते हैं। मिर्जा फखरुल पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों से जुलाई में इस्तीफा दिया था।




