अजमेर : राजस्थान के अजमेर जिले के गोविंदगढ़ में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक साधारण दर्जी का काम करने वाले 62 वर्षीय रेखराज ठाड़ा उस समय सन्न रह गए, जब उनके हाथ में आयकर विभाग (Income Tax Department) का 974.97 करोड़ रुपये (लगभग 975 करोड़) का टैक्स रिकवरी नोटिस आया। मासिक 15 हजार रुपये कमाने वाले रेखराज का दावा है कि उन्होंने जीवन में कभी कोई बड़ी वित्तीय गतिविधि नहीं की और न ही कभी गुजरात गए हैं।
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सूरत की दो डायमंड कंपनियों का निकला डायरेक्टर
आयकर विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस की पड़ताल करने पर पता चला कि रेखराज ठाड़ा का नाम गुजरात के सूरत स्थित ‘रूप रजत डायम प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘जय बाबेरी डायम प्राइवेट लिमिटेड’ नामक दो डायमंड कंपनियों में डायरेक्टर (निदेशक) के रूप में दर्ज है। रिकॉर्ड्स के मुताबिक ये दोनों कंपनियां वर्ष 2011 से संचालित हो रही हैं। पीड़ित दर्जी ने स्पष्ट किया है कि उन्हें इन कंपनियों या इनके कारोबार के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
PAN कार्ड के दुरुपयोग का मामला, पुलिस में शिकायत
रेखराज ठाड़ा का आरोप है कि किसी अज्ञात गिरोह या जालसाज ने उनके पैन कार्ड (PAN Card) और पहचान संबंधी दस्तावेजों का फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर उन्हें इन शेल कंपनियों का डायरेक्टर बना दिया। इतने भारी-भरकम टैक्स नोटिस के बाद उन्होंने एक सीए (CA) से रिकॉर्ड की जांच कराई और तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा, उन्होंने ई-मेल के जरिए आयकर विभाग को अपना जवाब भेजकर कंपनियों से अपना कोई भी संबंध होने से पूरी तरह इनकार किया है।
पहचान की चोरी का गंभीर मामला
यह घटना आम नागरिकों के पहचान पत्र और पैन कार्ड के दुरुपयोग की एक गंभीर बानगी पेश करती है। किसी गरीब या सामान्य नागरिक के नाम पर फर्जी कंपनियां खड़ी कर अरबों रुपये का टैक्स का खेल रचना वित्तीय अपराध का बड़ा जरिया बन चुका है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग इस बात की गहन जांच कर रहे हैं कि रेखराज के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किसने और किस तरह किया।








