नई दिल्ली: थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा का बुधवार को अंतिम दिन है। अपनी यात्रा के दौरान नेपाल के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मुलाकात कर चुके जनरल सेठ अब पोखरा में आयोजित पूर्व सैनिक रैली में शामिल होंगे। इस दौरान वह वीर नारियों और वीरता पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करेंगे। रैली के दौरान सेना प्रमुख भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों से संवाद भी करेंगे। कार्यक्रम के बाद जनरल धीरज सेठ बुधवार को ही भारत लौट आएंगे।
‘भारत-नेपाल के ऐतिहासिक रिश्तों पर जोर’
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराना ऐतिहासिक और सामाजिक रिश्ता है। दोनों देशों के संबंधों में जनकपुर-अयोध्या और लुंबिनी-बोधगया के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक जुड़ाव की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। मंत्रालय ने कहा कि भारत और नेपाल की साझेदारी साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आधारित है। दोनों देशों के लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंध इस साझेदारी को विशेष मजबूती देते हैं।जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा 17 अगस्त को शुरू हुई थी। यात्रा का उद्देश्य भारत और नेपाल के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करना तथा दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी संबंध, सहयोग और समन्वय को बढ़ाना था।
‘रक्षा सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा’
नेपाल में विभिन्न बैठकों के दौरान भारत और नेपाल के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने साझा हितों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया और मौजूदा रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर भी चर्चा की।यात्रा के अंतिम दिन पोखरा में पूर्व सैनिकों के साथ संवाद के जरिए भारतीय सेना और नेपाल में रह रहे भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों के बीच संबंधों को भी मजबूती देने का प्रयास किया जाएगा।
‘सेना के खिलाड़ियों को पुरस्कार मिलने पर बधाई’
नेपाल यात्रा के दौरान जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना से जुड़े खिलाड़ियों का भी उत्साहवर्धन किया। सेना प्रमुख और भारतीय सेना के सभी रैंकों ने सूबेदार नरेंद्र को मुक्केबाजी और सूबेदार अरविंद सिंह को रोइंग में अर्जुन पुरस्कार मिलने पर बधाई दी।इसके अलावा सूबेदार छोटे लाल यादव को मुक्केबाजी में द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलने पर भी सेना की ओर से शुभकामनाएं दी गईं। पुणे स्थित सेना पैरालंपिक नोड को खेलों, खासकर पैरा-खेलों को बढ़ावा देने और उनके विकास में योगदान के लिए राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है।
भारतीय सेना के मुताबिक, ये सम्मान खेल प्रतिभाओं को निखारने और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने की सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। सेना ने कहा कि युद्धभूमि से लेकर खेल के मैदान तक वह उत्कृष्टता, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र की सेवा करती रहेगी।








