अयोध्या : अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की पहली SIT ने अपनी फाइनल रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं है, जिससे दोनों को बड़ी राहत मानी जा रही है। गृह विभाग ने यह रिपोर्ट आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को भेज दी है। अब इसे 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की आगामी महत्वपूर्ण बैठक में रखा जाएगा।
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27 अप्रैल से 5 जून के बीच 70 बार हुई चोरी
मालूम हो कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की बात सामने आने पर ट्रस्ट ने ही राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद 13 जून को लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय SIT बनाई गई थी, जिसमें आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार शामिल थे। SIT की जांच में सामने आया कि मंदिर के दान-गिनती कक्ष से नकदी चुराई जा रही थी। 27 अप्रैल से 5 जून 2026 तक के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि कर्मचारियों ने करीब 70 बार नकदी छिपाकर बाहर ले जाने की कोशिश की। जांच में यह भी सामने आया कि एसबीआई (SBI) और ट्रस्ट की संयुक्त संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन नहीं किया गया था और कर्मचारियों की नियमित तलाशी भी नहीं ली जाती थी।
8 आरोपी पहले ही जेल में, अब दूसरी SIT कर रही है जांच
पहली SIT की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में 8 नामजद आरोपियों (अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू) को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, मामले की व्यापक जांच अभी जारी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित दूसरी SIT अब इस पूरे मामले की कमान संभाल रही है। 20 जुलाई को गठित इस नई SIT की अध्यक्षता आईजी लखनऊ रेंज किरण एस कर रही हैं और इसमें डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा और अयोध्या एसएसपी गौरव ग्रोवर शामिल हैं। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित दूसरी SIT की जांच और उसकी आने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं।






