रांची।झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की बदहाल व्यवस्था को लेकर बुधवार को नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर और सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।
मरांडी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि रिम्स के कई वार्डों में बारिश का पानी भर गया है और अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
‘रिम्स नहीं संभल रहा, रिम्स-2 की बात कर रही सरकार’
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि जो सरकार मौजूदा रिम्स की मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं कर पा रही है, वही आदिवासियों की जमीन पर रिम्स-2 बनाने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले मौजूदा अस्पताल की व्यवस्था को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने स्वास्थ्य विभाग पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार करने के बजाय ठेकेदारों, निजी जांच प्रयोगशालाओं और आउटसोर्सिंग कंपनियों से जुड़े मामलों में व्यस्त हैं। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है।
मरांडी ने यह भी आरोप लगाया कि दबाव की राजनीति के कारण रिम्स के तत्कालीन दलित निदेशक को प्रताड़ित किया गया और उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वीडियो में दिखी जलभराव की स्थिति
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अस्पताल के वार्ड के भीतर फर्श पर पानी जमा दिखाई दे रहा है। कई मरीज अपने बेड पर इलाजरत नजर आ रहे हैं, जबकि उनके परिजन पानी भरे वार्ड में आने-जाने को मजबूर दिख रहे हैं। हाल ही में रांची में हुई भारी बारिश के बाद रिम्स परिसर में जलभराव की शिकायतें सामने आई थीं।
लंबे समय से उठते रहे हैं सवाल
रिम्स में जलभराव, साफ-सफाई, आधारभूत सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक अव्यवस्था जैसे मुद्दे पहले भी चर्चा का विषय रहे हैं। विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था की उपेक्षा का आरोप लगाता रहा है। वहीं, सरकार समय-समय पर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के दावे करती रही है।
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