रांची : राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने नेपाल हाउस सचिवालय में कृषि विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीक पी, विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी, कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा सहित विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान मंत्री ने राज्य में खरीफ फसलों की प्रगति, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति तेज करने और किसानों तक समय पर लाभ पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
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मक्का की बुआई 65 प्रतिशत से अधिक
समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में इस वर्ष मक्का की खेती उत्साहजनक रही है। अब तक 65 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में मक्का की बुआई हो चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन जिलों में किसानों के बीच मक्का बीज की अधिक मांग है, वहां आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने कहा कि बीज की कमी के कारण कोई भी किसान खेती से वंचित नहीं रहना चाहिए।
मिलेट मिशन में 22,729 किसानों का पंजीकरण
झारखंड मिलेट मिशन के तहत चलाए गए विशेष पंजीकरण अभियान की भी बैठक में समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि अब तक करीब 22,729 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। मंत्री ने किसानों की संख्या में और वृद्धि के लिए विशेष पंजीकरण अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्य में मोटे अनाज यानी मिलेट को बढ़ावा देने और इससे जुड़े उत्पादों को लोकप्रिय बनाने के लिए रांची, जमशेदपुर और देवघर में आधुनिक मिलेट कैफे स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री ने कहा कि मिलेट कैफे किसानों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ लोगों को पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगे। उन्होंने प्रत्येक पंचायत स्तर पर मिट्टी जांच शिविर आयोजित कर मिट्टी के नमूनों का संग्रह और परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से नियमित क्षेत्रीय भ्रमण करने और जिलों में विभागीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा करने को कहा।
कृषक पाठशाला को कृषि संस्थानों से जोड़ने के निर्देश
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि कृषक पाठशाला राज्य सरकार की एक फ्लैगशिप योजना है। इसके माध्यम से किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कृषक पाठशाला के प्रभावी संचालन के लिए इसे बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के संस्थानों से जोड़ने के निर्देश दिए। इसके जरिए विशेषज्ञों का सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसानों को नई कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक परामर्श का लाभ मिल सके।
मंत्री ने विभाग की सभी योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े किसान तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन के साथ जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।




