बाढ़ : जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने गुरुवार को बाढ़ अनुमंडल स्थित ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के उमानाथ मंदिर में भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने बिहारवासियों के सुख, शांति और समृद्धि के साथ राज्य के निरंतर विकास की मंगलकामना की। पूजा-अर्चना के बाद नीतीश कुमार ने बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण तथा धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर अपनी बात रखी।
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उमानाथ मंदिर के विकास पर 100 करोड़ से अधिक की योजनाएं
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत राज्य की अमूल्य धरोहर है। उमानाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण और समग्र विकास के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं पर काम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर को अधिक भव्य, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से पुराने एवं जर्जर निर्माणों को हटाकर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बेहतर आवागमन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाओं और नए मार्केट कॉम्प्लेक्स के निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है।
धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता
नीतीश कुमार ने कहा कि एनडीए सरकार की प्राथमिकता धार्मिक स्थलों का विकास करना है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के दौरान धार्मिक स्थलों की आस्था और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मंदिर के विकास से श्रद्धालुओं की सुविधाओं में वृद्धि के साथ स्थानीय क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ और बाढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इस दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।




