नई दिल्ली : देश आज यानी रविवार को 27वां कारगिल विजय दिवस मना रहा है। यह दिन 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की ऐतिहासिक विजय, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों सहित देशभर में लोगों ने ऑपरेशन विजय के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति और पीएम ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों का देश सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि वीर जवानों की बहादुरी, अटूट संकल्प और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
कारगिल विजय दिवस पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धाओं को मैं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। उनका अद्वितीय पराक्रम, अडिग संकल्प और अनन्य राष्ट्रभक्ति हमारी सेना की गौरवशाली परंपरा के अप्रतिम उदाहरण हैं। देश, सदैव उनका ऋणी रहेगा। हमारे उन…
— President of India (@rashtrapatibhvn) July 26, 2026
पीएम मोदी ने भी कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सेना के जांबाज सैनिकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सैनिकों द्वारा दिखाया गया साहस और कर्तव्यनिष्ठा देश के लिए हमेशा गर्व का विषय रहेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि 1999 के युद्ध नायकों का समर्पण और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
On Kargil Vijay Diwas, our nation expresses gratitude to the brave soldiers for their extraordinary courage and commitment towards securing India. Their valour in the face of the most formidable conditions will forever remain a source of national pride. Their unwavering…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2026
द्रास वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि समारोह
लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इससे पहले लद्दाख के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना, नॉर्दर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा सहित कई सैन्य अधिकारियों ने भी वॉर मेमोरियल पहुंचकर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने वॉर मेमोरियल पर पुष्प वर्षा की। शनिवार शाम आयोजित ‘शौर्य संध्या’ कार्यक्रम में ऑपरेशन विजय के दौरान शहीद हुए सैनिकों के साहस और बलिदान को याद किया गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने शहीद सैनिकों के परिजनों का सम्मान भी किया।
Speaking on 27th Kargil Vijay Diwas at Kargil War Memorial (Ladakh). https://t.co/nUnC68va4q
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) July 26, 2026
ऑपरेशन विजय की ऐतिहासिक जीत
कारगिल युद्ध मई 1999 में शुरू हुआ था, जब घुसपैठियों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर कारगिल की ऊंची चोटियों पर कब्जा कर लिया था। उनका उद्देश्य श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग को बाधित करना था। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार दुश्मन की गोलीबारी के बीच साहसिक अभियान चलाया। दो महीने से अधिक समय तक चले संघर्ष के बाद सेना ने सभी रणनीतिक चौकियों को दोबारा अपने नियंत्रण में लेकर 26 जुलाई 1999 को ऐतिहासिक विजय हासिल की। इसी जीत की स्मृति में हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।




