धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP की दो और मांगें मानी गईं, राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ा।
धर्मेंद्र प्रधान

नई दिल्ली : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ा। केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं के बीच हुई बैठक समाप्त हो गई। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि सरकार ने CJP की दो और प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान शामिल छात्रों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने पर भी सहमति बनी है।

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CJP और केंद्र सरकार की बैठक समाप्त

शाम 5:25 बजे केंद्र सरकार और CJP नेताओं के बीच बैठक समाप्त हुई। बैठक के बाद कहा गया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वार्ता से जुड़े फैसलों की जानकारी साझा की जाएगी। इसके बाद हुई प्रेस वार्ता में दोनों प्रमुख मांगों पर सहमति की घोषणा की गई।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि यह भारत की शिक्षा व्यवस्था को फिर से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने देशभर के छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले युवाओं पर उन्हें गर्व है। राहुल गांधी ने कहा कि अभी दो मांगें और बाकी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से छात्रों से माफी मांगने और छात्रों पर हुई हिंसा के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि अपने सम्मान और अधिकारों के लिए संवैधानिक तरीके से संघर्ष करना ही लोकतंत्र की असली ताकत है।

भाजपा ने धर्मेंद्र प्रधान के फैसले का किया समर्थन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) सहित कई महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि व्यापक जनहित को प्राथमिकता देते हुए पद छोड़ने का निर्णय सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा का उदाहरण है। भाजपा ने इस फैसले में धर्मेंद्र प्रधान के साथ अपनी एकजुटता जताते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

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