नई दिल्ली : बरसात के मौसम में खेतों, गांवों और कई शहरों में भी सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। सांप का काटना मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है और ऐसी स्थिति में बिना देरी किए अस्पताल पहुंचकर इलाज कराना जरूरी होता है। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या सांप के काटने पर हेल्थ इंश्योरेंस इलाज का खर्च देता है और यदि इस हादसे में किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो क्या परिवार को किसी तरह का बीमा लाभ मिल सकता है।
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अगर आपके पास सक्रिय हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है, तो अधिकांश मामलों में अस्पताल में इलाज का खर्च पॉलिसी की शर्तों के अनुसार कवर किया जा सकता है। हालांकि, यह सुविधा हर पॉलिसी में समान नहीं होती, इसलिए नियम और शर्तों को पहले से समझना जरूरी है।
हेल्थ इंश्योरेंस में क्या-क्या हो सकता है कवर?
हेल्थ इंश्योरेंस के तहत अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, डॉक्टर की फीस, दवाइयां, आवश्यक जांच, एंटी-वेनम इंजेक्शन और जरूरत पड़ने पर आईसीयू का खर्च भी कवर हो सकता है। यह कवरेज आपकी बीमा पॉलिसी की शर्तों और नियमों पर निर्भर करती है। इसलिए पॉलिसी खरीदते समय उसकी कवरेज और एक्सक्लूजन को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
मृत्यु होने पर कब मिल सकता है मुआवजा?
यदि सांप के काटने से किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है, तो केवल हेल्थ इंश्योरेंस के बजाय पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत परिवार को निर्धारित राशि का मुआवजा मिल सकता है। इसके लिए यह जरूरी है कि पॉलिसी की शर्तों के अनुसार मृत्यु को दुर्घटनावश (Accidental Death) माना जाए और सभी आवश्यक नियम पूरे किए गए हों। क्लेम के लिए अस्पताल की डिस्चार्ज समरी, डॉक्टर की पर्ची, जांच रिपोर्ट, भरा हुआ क्लेम फॉर्म और पॉलिसी से जुड़े दस्तावेज जमा करने होते हैं। सही और पूरे दस्तावेज उपलब्ध कराने से क्लेम प्रक्रिया आसान हो जाती है।
हालांकि, हर मामले में क्लेम मंजूर होना जरूरी नहीं है। यदि घटना के समय पॉलिसी सक्रिय नहीं थी, इलाज पॉलिसी की कवरेज में शामिल नहीं था, आवश्यक दस्तावेज अधूरे हैं या संबंधित स्थिति पॉलिसी के एक्सक्लूजन में आती है, तो बीमा कंपनी क्लेम अस्वीकार भी कर सकती है। इसलिए हेल्थ या पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस लेते समय उसकी शर्तों, कवरेज और अपवादों को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है।




