रांची। सिमडेगा में साल 2018 में एक मासूम सहित चार लोगों की हत्या के दो सजायफ्ताओं की जमानत पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में कोर्ट ने सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। दोनों सजायफ्ताओं पुनीत सोरेंग और निर्मल सोरेंग ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर कर निचली अदालत की सजा को चुनौती दी है। हस्तक्षेप याचिका दायर कर उन्होंने जमानत की गुहार लगाई है।
जुलाई 2025 में सिमडेगा की निचली अदालत ने इस हत्याकांड पुनीत सोरेंग और निर्मल सोरेंग को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी
मालूम कि जुलाई 2025 में सिमडेगा की निचली अदालत ने इस हत्याकांड पुनीत सोरेंग और निर्मल सोरेंग को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी। वहीं मुख्य अभियुक्त संजय सोरेंग को फांसी की सजा सुनाई थी। उन पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगा था।
गौरतलब है कि 17 मई 2018 को पाकरटांड़ थाना क्षेत्र निवासी राकेश सोरेंग अपने घर में थे। इसी दौरान गांव के ही पुनीत सोरेंग, संजय सोरेंग और निर्मल सोरेंग वहां पहुंचे और राकेश सोरेंग से जमीन को लेकर लड़ाई-झगड़ा करने लगे।
इसी दौरान नेस्तोर सोरेंग बीच-बचाव करने आया तो उसकी टांगी से काटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद तीनों घर में घुसे औप राकेश सोरेंग, उनकी पत्नी कारमेला सोरेंग और उनके पांच वर्ष के पुत्र फिलमोन सोरेंग को भी टांगी से काट दिया था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।




