रांची : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के सदस्य जमाल अहमद को पद से हटाने और उनकी कथित आय से अधिक संपत्ति की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से जांच कराने की मांग की है।
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अपने पत्र में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि जमाल अहमद ने पिछले कुछ वर्षों में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने दावा किया कि रांची में उनके पास एक बड़ा फ्लैट है और हजारीबाग में भी उनके नाम या कथित तौर पर बेनामी संपत्तियां होने की चर्चाएं हैं। पत्र में इन आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक दस्तावेज या जांच रिपोर्ट संलग्न नहीं की गई है।
मरांडी ने यह भी कहा कि जमाल अहमद पहले प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे और वर्ष 2008 में लेक्चरर बने थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस नियुक्ति प्रक्रिया की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। उनके अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की नियुक्ति प्रक्रिया जांच के दायरे में हो तो उसे JPSC जैसी संवैधानिक संस्था का सदस्य नहीं बनाया जाना चाहिए।
पत्र में बाबूलाल मरांडी ने यह भी आरोप लगाया कि जमाल अहमद की नियुक्ति तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम के दबाव में की गई। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति से JPSC की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं तथा राज्य के युवाओं का आयोग पर भरोसा कमजोर होता है।
भाजपा नेता ने सीएम से मांग की है कि जमाल अहमद की सभी चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और आय के स्रोतों की ACB से विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक उन्हें JPSC सदस्य के पद से हटाया जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो और आयोग की गरिमा बनी रहे।
फिलहाल, इस मामले में राज्य सरकार या JPSC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बाबूलाल मरांडी के पत्र में लगाए गए आरोप उनके दावे हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।




