दुमका : वन विभाग की टीम ने प्रशिक्षु आईएफएस पुष्कर काले के नेतृत्व में शनिवार सुबह वन विभाग में ठेकेदारी करने वाले पंकज रावत की गिरफ्तारी के लिए शिबू सोरेन के पूर्व आप्त सचिव और दुमका विधायक बसंत सोरेन के करीबी विवेक रावत के महुआ दंगल स्थित आवास पर छापेमारी की। करीब चार घंटे तक चली कार्रवाई के बाद भी पंकज रावत टीम के हाथ नहीं लगा।
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सुबह करीब पांच बजे पुष्कर काले के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और आवास को चारों ओर से घेर लिया। अधिकारियों ने घर का दरवाजा खोलने को कहा, लेकिन घर के लोगों ने वारंट या कार्रवाई का आदेश दिखाने की मांग करते हुए दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया।
चार घंटे चली कार्रवाई, नहीं मिला ठेकेदार
टीम कई घंटे तक घर के बाहर इंतजार करती रही। अधिकारियों द्वारा सख्त कार्रवाई की बात कहे जाने के बाद सुबह करीब नौ बजे घर का दरवाजा खोला गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने घर के सभी कमरों की तलाशी ली, लेकिन पंकज रावत का कोई सुराग नहीं मिला।
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कार्रवाई के बाद लोगों ने घेरा वाहन
तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद जब अधिकारी अपने वाहन से लौटने लगे तो स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का कारण पूछते हुए सरकारी वाहन को घेर लिया। लोगों का कहना था कि जब तक कार्रवाई का आदेश नहीं दिखाया जाएगा, अधिकारियों को जाने नहीं दिया जाएगा। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई डीएफओ के मौखिक निर्देश पर की गई है और इससे अधिक जानकारी नहीं दी जा सकती। वहीं, डीएफओ सात्विकता ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की और उनका फोन भी रिसीव नहीं हुआ। बाद में विवेक रावत का फोन आने के बाद घर वालों ने अधिकारियों को वहां से जाने दिया।




