खंडोली पहाड़ की 80 साल पुरानी आस्था, श्रद्धालुओं ने मांगा स्थायी रास्ता

बेंगाबाद (गिरिडीह) श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए खंडोली पहाड़ी पर पूजा अर्चना की और दूध चढ़ाया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों, जन प्रतिनिधियों और बुजुर्गों ने इस धार्मिक परंपरा के इतिहास पर प्रकाश डाला और पहाड़ी तक जाने के लिए एक स्थायी रास्ते

बेंगाबाद (गिरिडीह) श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए खंडोली पहाड़ी पर पूजा अर्चना की और दूध चढ़ाया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों, जन प्रतिनिधियों और बुजुर्गों ने इस धार्मिक परंपरा के इतिहास पर प्रकाश डाला और पहाड़ी तक जाने के लिए एक स्थायी रास्ते की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।


80 साल पुरानी धार्मिक परंपरा
ग्रामीणों ने स्थायी रास्ते की मांग फिर दोहराई
नई पीढ़ी तक परंपरा का महत्व पहुंचाना
सोमवार को पारंपरिक पूजा समारोह
80 साल पुरानी धार्मिक परंपरा

खंडोली पहाड़ की 80 साल पुरानी आस्था, श्रद्धालुओं ने मांगा स्थायी रास्ता

स्थानीय मुखिया राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने बताया कि खंडोली पहाड़ी पर पूजा की परंपरा लगभग 80 वर्षों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि श्रद्धालु हर साल गहरी आस्था के साथ यहां आते हैं, लेकिन पहाड़ी तक जाने के लिए अभी तक कोई उचित सार्वजनिक रास्ता नहीं बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पूर्वजों द्वारा ऐतिहासिक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने स्थायी रास्ते की मांग फिर दोहराई
खंडोली पहाड़ की 80 साल पुरानी आस्था, श्रद्धालुओं ने मांगा स्थायी रास्ता


सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद यादव ने बताया कि लगभग तीन साल पहले सर्कल कार्यालय में रास्ते के संबंध में एक औपचारिक अनुरोध सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन 10 से 15 फीट चौड़ा सार्वजनिक रास्ता उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए जल्द ही आसपास के आठ गांवों की बैठक बुलाई जाएगी, जिसके बाद प्रशासन को एक नया ज्ञापन सौंपा जाएगा।

नई पीढ़ी तक परंपरा का महत्व पहुंचाना

गांव की बुजुर्ग शोभा चौधरी ने बताया कि यह पूजा राजा महाराजाओं के जमाने की परंपरा है और इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं आज भी लोगों की आस्था का केंद्र हैं। वहीं, समता फेलो और स्थानीय संवाददाता नवीन राज टाइगर ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ इस आयोजन की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी बहुत जरूरी है।


सोमवार को पारंपरिक पूजा समारोह

मुखिया राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने घोषणा की कि सोमवार को खंडोली गांव में पारंपरिक पूजा समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें झारखंड और बिहार सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेंगाबाद पुलिस स्टेशन का सहयोग लिया गया है। ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन से बिना किसी देरी के स्थायी रास्ता उपलब्ध कराने की अपनी मांग दोहराई।

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