रांची : हॉकी झारखंड में महिला खिलाड़ियों के शोषण और अनियमितताओं के आरोपों के बीच कांग्रेस विधायक बंधु तिर्की ने वर्तमान समिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो हॉकी झारखंड की मौजूदा समिति को भंग कर खिलाड़ियों का सम्मान और विश्वास बहाल करना सबसे जरूरी है। बंधु तिर्की ने कहा कि झारखंड ने सीमित संसाधनों के बावजूद देश और दुनिया को कई उत्कृष्ट हॉकी खिलाड़ी दिए हैं। राज्य की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है। ऐसे में हॉकी झारखंड में भ्रष्टाचार, पक्षपात, मनमानी और खिलाड़ियों के शोषण जैसे आरोप बेहद चिंताजनक हैं।
Read More : साकची बाजार में फल व्यापारी के कर्मचारी से मारपीट, आरोपी गिरफ्तार
असुंता लकड़ा के आरोपों पर निष्पक्ष जांच की मांग
उन्होंने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा द्वारा लगाए गए महिला खिलाड़ियों के शोषण, शिकायतों को दबाने, धमकी देने और प्रताड़ित करने जैसे आरोप पूरी खेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। हालांकि संबंधित पदाधिकारियों ने इन आरोपों से इनकार किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। बंधु तिर्की ने कहा कि बिना किसी पूर्वाग्रह के पूरे मामले की उच्चस्तरीय, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। जांच पूरी होने तक संबंधित पदाधिकारियों को पद से अलग होकर सहयोग करना चाहिए, ताकि जांच की निष्पक्षता और संस्था की विश्वसनीयता बनी रहे।
हॉकी झारखंड समिति भंग हो, खिलाड़ियों का सम्मान सबसे जरूरी : बंधु तिर्की#BandhuTirkey #HockeyJharkhand #AsuntaLakra #RanchiNews #JharkhandHockeyNews @bandhu_tirkey pic.twitter.com/DC67alexzq
— JH LIVE (@jhliveonline) July 17, 2026
समिति भंग करने और पुनर्गठन की उठाई मांग
उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को प्रस्तावित हॉकी झारखंड के चुनाव से पहले इन गंभीर आरोपों की अनदेखी उचित नहीं होगी। केवल चुनाव कराने से समस्या का समाधान नहीं होगा। यदि प्रथम दृष्टया आरोपों में आधार मिलता है तो राज्य सरकार और खेल निदेशालय को हॉकी झारखंड की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा करनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर वर्तमान समिति को भंग कर अंतरिम प्रशासक या नई निष्पक्ष व्यवस्था के माध्यम से खिलाड़ियों का विश्वास बहाल किया जाना चाहिए। बंधु तिर्की ने कहा कि खेल संगठन खिलाड़ियों और खेल के विकास के लिए होते हैं, न कि किसी व्यक्ति विशेष के लिए। उन्होंने सभी खेल संघों में पारदर्शी चयन प्रक्रिया, महिला सुरक्षा तंत्र, स्वतंत्र शिकायत निवारण समिति, समयबद्ध जांच व्यवस्था और खिलाड़ियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की भी मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार केंद्रीय खेल मंत्रालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हॉकी इंडिया से आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के माध्यम से जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने राज्य सरकार, खेल विभाग और संबंधित राष्ट्रीय संस्थाओं से सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। बंधु तिर्की ने कहा कि झारखंड की सबसे बड़ी ताकत उसके खिलाड़ी हैं, न कि पदों पर बने रहने वाले पदाधिकारी। खिलाड़ियों का सम्मान ही खेल का सम्मान है और उनकी गरिमा से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाना चाहिए।




