नई दिल्ली : मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी एडवाइजरी जारी की है। जहाजरानी महानिदेशालय (Directorate General of Shipping) ने सभी शिप ओनर्स, शिप मैनेजर्स और आरपीएसएल कंपनियों को निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी कमर्शियल जहाज पर भारतीय नाविकों की तैनाती न की जाए।
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महानिदेशालय ने अपने आधिकारिक सर्कुलर में कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। ऐसे में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
होर्मुज रूट को लेकर जारी हुए सख्त निर्देश
सरकार ने फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि हालात सामान्य होने तक भारतीय नाविकों को इस रूट पर भेजने से बचा जाए। साथ ही सभी संबंधित कंपनियों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है।
सुरक्षा के लिए लागू किए गए चार बड़े कदम
महानिदेशालय ने भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा के लिए चार प्रमुख निर्देश जारी किए हैं। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय क्रू की तैनाती पर रोक, फारस की खाड़ी में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाना, अंतरराष्ट्रीय जहाज एवं पोर्ट सुविधा सुरक्षा संहिता (ISPS Code) का सख्ती से पालन करना और किसी भी आपात स्थिति में इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर (IFC-IOR) तथा डीजी कम्युनिकेशन सेंटर के माध्यम से तत्काल सूचना और सहायता सुनिश्चित करना शामिल है।
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महानिदेशालय ने कहा है कि खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और विदेशों में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है, जब क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर नाविकों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल बना हुआ है।




