केंद्रीय कैबिनेट के 7 बड़े फैसले, Semicon 2.0 समेत 2.19 लाख करोड़ के प्रस्ताव मंजूर

पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, मोबाइल विनिर्माण, उर्वरक और रेलवे क्षेत्र से जुड़े सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
केंद्रीय कैबिनेट

नई दिल्ली : पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, मोबाइल विनिर्माण, उर्वरक और रेलवे क्षेत्र से जुड़े सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन योजनाओं पर कुल 2,19,353 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

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बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस वार्ता में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इनमें Semicon 2.0, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS), यूरिया-2026 के लिए नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी, वाराणसी के दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और दो रेलवे परियोजनाएं शामिल हैं।

वाराणसी, सेमीकंडक्टर और मोबाइल निर्माण पर जोर

कैबिनेट ने वाराणसी के लिए दो प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें NH-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाले 46.039 किलोमीटर लंबे लिंक कॉरिडोर और वरुणा नदी के किनारे NH-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाले 43.218 किलोमीटर लंबे लिंक के विकास की स्वीकृति शामिल है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस परियोजना में 6 और 4 लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर, फ्लाईओवर, लूप, रैंप और सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत 10,998.32 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करेगा।

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सरकार के अनुसार, इस परियोजना से वाराणसी शहर में यातायात का दबाव कम होगा और वाराणसी रिंग रोड, एयरपोर्ट, काशी रेलवे स्टेशन, वाराणसी जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, रामनगर पोर्ट, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के घाटों तथा चंदौली क्षेत्र तक आवागमन बेहतर होगा। इसके अलावा कैबिनेट ने 1.27 लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ Semicon 2.0 मिशन को मंजूरी दी है। साथ ही मोबाइल निर्माण को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को भी स्वीकृति दी गई है। मोबाइल उत्पादन से जुड़ी पीएलआई योजना के दूसरे चरण के लिए 62,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

यूरिया नीति और रेलवे परियोजनाओं को भी मंजूरी

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत को यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यूरिया-2026 के लिए नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देश में 9 नए यूरिया संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। रेलवे क्षेत्र में भी कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें पारादीप-हरिदासपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण पर 2,542 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं डांगोआपोसी और राजखरसवां के बीच चौथी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए 1,365 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है।

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