पुष्पगिरी तीर्थ में 7 साल बाद गुरु-शिष्य का दिव्य मिलन, 9 जुलाई को बनेगा इतिहास

जैन समाज के लिए 9 जुलाई 2026 का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से ऐतिहासिक बनने जा रहा है। सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता गणाचार्य श्री 108 पुष्पदन्तसागरजी गुरुराज और अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागरजी गुरुदेव का दिव्य गुरु-शिष्य महामिलन पुष्पगिरी तीर्थ,
पुष्पगिरी तीर्थ

सोनकच्छ : जैन समाज के लिए 9 जुलाई 2026 का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से ऐतिहासिक बनने जा रहा है। सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता गणाचार्य श्री 108 पुष्पदन्तसागरजी गुरुराज और अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागरजी गुरुदेव का दिव्य गुरु-शिष्य महामिलन पुष्पगिरी तीर्थ, सोनकच्छ (मध्य प्रदेश) में होगा। इसी अवसर पर पुष्पगिरी चातुर्मास 2026 का मंगल प्रवेश भी संपन्न होगा।

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भव्य शोभायात्रा के साथ होगा मंगल प्रवेश

आचार्य श्री प्रसन्नसागरजी गुरुदेव अपने विशाल संघ के साथ दोपहर 2:30 बजे बिजासन माता मंदिर, सोनकच्छ से भव्य शोभायात्रा के साथ पुष्पगिरी तीर्थ के लिए प्रस्थान करेंगे। शोभायात्रा में इंदौर, देवास, जावर, मेहतवाड़ा, आष्टा, सीहोर, सोनकच्छ सहित कई शहरों से हजारों श्रद्धालुओं, महिला मंडल, बहू मंडल तथा युवक-युवती मंडल के शामिल होने की उम्मीद है।

न्यायालय मार्ग पर होगा ऐतिहासिक महामिलन

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब होगा, जब गणाचार्य श्री पुष्पदन्तसागरजी स्वयं पुष्पगिरी तीर्थ से न्यायालय मार्ग तक पहुंचकर अपने प्रिय शिष्य आचार्य श्री प्रसन्नसागरजी और उनके संघ का स्वागत करेंगे। दोपहर 3:30 बजे न्यायालय भवन के समीप दोनों संतों का महा-मंगल मिलन हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में होगा।

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इसके बाद श्रद्धालुओं को श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान, श्री 1008 पद्मप्रभु भगवान, श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ भगवान तथा लगभग 2000 वर्ष प्राचीन श्री 1008 अरहनाथ भगवान के दर्शन का अवसर मिलेगा।

प्रवचन, सम्मान समारोह और वात्सल्य भोजन

श्री पद्मश्री माताजी सभागृह में आयोजित समारोह में चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन, भक्ति नृत्य, चरणाभिषेक, पुष्पवृष्टि, संघपति एवं विशिष्ट भक्तों का सम्मान तथा दोनों आचार्यों के मंगल प्रवचन और आशीर्वचन होंगे। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोजन की व्यवस्था भी की गई है।

श्री पुष्पदन्तसागर दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति न्यास ट्रस्ट मंडल एवं अंतर्मना गुरु भक्त परिवार ने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होने की अपील की है।

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