रांची : 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के परिणाम को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने रांची स्थित JPSC कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीटी परिणाम रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाजयुमो कार्यकर्ता और अभ्यर्थी शामिल हुए।
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प्रदर्शन का नेतृत्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने पारदर्शिता का पालन किए बिना परीक्षा परिणाम जारी किया है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों में असंतोष है। उनका कहना था कि निष्पक्ष जांच के बिना अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिल सकेगा।
कट-ऑफ, मार्कशीट और मेरिट सूची पर उठाए सवाल
शशांक राज ने कहा कि आयोग ने परिणाम तो जारी कर दिया, लेकिन अब तक कट-ऑफ अंक और अभ्यर्थियों की मार्कशीट सार्वजनिक नहीं की गई है। उनके अनुसार यह परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता के विपरीत है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जारी मेरिट सूची पर आयोग के जिम्मेदार अधिकारियों या सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं हैं, जिससे उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। ओएमआर शीट के मूल्यांकन को लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताते हुए दावा किया कि कई अभ्यर्थियों के अंकों को लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है।
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उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक अभ्यर्थी को पहले प्रश्न पत्र में 100 में से 48 अंक मिले, जबकि दूसरे प्रश्न पत्र में 97 अंक प्राप्त हुए। उनके मुताबिक परीक्षा विशेषज्ञ भी ऐसे परिणाम को असामान्य मान रहे हैं, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
बैकलॉग परीक्षा और CBI जांच की मांग
भाजयुमो ने बैकलॉग पीटी परीक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि 832 अभ्यर्थियों से संबंधित रिकॉर्ड और प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। उनका कहना है कि जब तक आयोग इन सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब नहीं देता, तब तक अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल नहीं हो सकता। शशांक राज ने कहा कि JPSC की परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि वर्तमान पीटी परिणाम रद्द कर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दोबारा परिणाम जारी किया जाए और पूरे प्रकरण की CBI जांच कराई जाए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। भाजयुमो ने चेतावनी दी कि यदि आयोग अभ्यर्थियों की शंकाओं का जल्द समाधान नहीं करता और सरकार इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करती, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठन ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि झारखंड के हजारों युवाओं के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा है।




