नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने दिवाली से पहले अग्निवीरों को बड़ा तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने का फैसला लिया गया। नई योजना के तहत 25% अग्निवीर नियमित सैनिक बनेंगे, जबकि बाकी 75% को दो साल का सेवा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़कर छह साल हो जाएगी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमण्यम ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो साल का सेवा विस्तार पाने वाले अग्निवीरों को प्रदर्शन के आकलन के आधार पर बाद में स्थायी पदों की पेशकश भी की जाएगी। सेवा विस्तार पाने वाले अग्निवीरों को बढ़ा हुआ वेतन और भत्ते मिलेंगे।
Read More : झारखंड में मतदाता पुनरीक्षण पर कांग्रेस का अभियान तेज, राहुल गांधी भी आएंगे
अग्निवीरों की सेवा अब छह साल होगी
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमण्यम ने कहा कि अग्निवीरों के लिए यह महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने बताया कि अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू की गई थी। उस समय अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन करने और समय-समय पर योजना की समीक्षा करने की बात कही गई थी। सुब्रमण्यम ने कहा कि अग्निवीरों का पहला बैच अब चार साल का कार्यकाल पूरा करने के करीब है। इन चार वर्षों में किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर उनके काम को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
#WATCH | Delhi: Chief of Defence Staff General NS Raja Subramani says, “Today is a very significant day for the Indian Defence Forces and for our ‘Agniveers’. The Cabinet has created a pathway for all Agniveers to be absorbed into the Indian Defence Forces. As you are aware, the ‘Agnipath’ scheme was introduced on June 14, 2022. At that time, it was stated that there would be continuous performance evaluation of the Agniveers and that the scheme would be reviewed periodically. The first batch of Agniveers is now nearing the completion of their four-year tenure. Based on the performance evaluations conducted over these four years, we have received very positive feedback regarding their performance. As you know, 25% of the Agniveers are to be enrolled into the regular forces based on merit. Previously, the provision was for 75% of the Agniveers to transition back into society as disciplined and motivated youth. However, under this updated scheme, the remaining 75% of Agniveers will now be offered an additional engagement period of two years. Upon the completion of this two-year period, all those who are willing will be enrolled into the Armed Forces, subject to objective selection criteria. These are the four major aspects of this scheme.”
— ANI (@ANI) November 4, 2026
उन्होंने बताया कि योग्यता के आधार पर 25% अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल किया जाएगा। पहले बाकी 75% अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद समाज में लौटना था, लेकिन अब कैबिनेट ने इस प्रावधान में बदलाव को मंजूरी दी है। नई योजना के तहत बाकी 75% अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा। दो साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुआ फैसला
अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब करीब 18,000 अग्निवीर कुछ सप्ताह बाद ही सशस्त्र बलों से सेवामुक्त होने वाले थे। अब इन अग्निवीरों को भी दो साल का सेवा विस्तार मिलेगा। साल 2022 में अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती चार साल के कार्यकाल के लिए की गई थी। योजना में प्रावधान था कि इनमें से केवल 25% अग्निवीरों को नियमित सेवा में बरकरार रखा जाएगा।
विधानसभा चुनावों से भी जुड़ा फैसला
अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले को आगामी विधानसभा चुनावों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अगले साल की शुरुआत में पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों से बड़ी संख्या में युवा सेना में शामिल होते हैं और अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर बने हैं। अब उन्हें दो साल का सेवा विस्तार मिल गया है।



