झारखंड: फार्मेसी परीक्षा और फार्मासिस्ट निबंधन पर रोक, सरकार के अगले आदेश तक स्थगित रहेंगी प्रक्रियाएं

रांची: झारखंड में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने डिप्लोमा-इन-फार्मेसी की परीक्षा और फार्मासिस्टों के निबंधन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं पर फिलहाल रोक लगा दी है। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के तहत विभाग ने झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल को अगले

झारखंड: फार्मेसी

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रांची: झारखंड में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने डिप्लोमा-इन-फार्मेसी की परीक्षा और फार्मासिस्टों के निबंधन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं पर फिलहाल रोक लगा दी है। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के तहत विभाग ने झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल को अगले आदेश तक इन सभी गतिविधियों को स्थगित रखने का निर्देश दिया है।

विभाग के संयुक्त सचिव अनुज कुमार प्रसाद ने इस संबंध में काउंसिल के अध्यक्ष को औपचारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार का अगला फैसला आने या फिर झारखंड हाईकोर्ट से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त होने तक परीक्षा और निबंधन से जुड़ा कोई भी काम पूरा नहीं किया जाएगा।

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सरकार के इस कदम से राज्य भर में डिप्लोमा-इन-फार्मेसी की परीक्षा देने की तैयारी कर रहे छात्रों और अपना निबंधन कराने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों पर असर पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने डिप्लोमा-इन-फार्मेसी परीक्षा समिति को भी सख्त हिदायत दी है कि राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी तरह की परीक्षा का आयोजन न किया जाए। इसके साथ ही परीक्षा से जुड़ी किसी भी नई प्रक्रिया को शुरू करने, समय-सारणी तय करने या पुराने निर्णयों को आगे बढ़ाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि काउंसिल को इन सभी प्रशासनिक निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
पूर्व निबंधक को हटाने से जुड़ा विवाद

यह पूरा मामला झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के तत्कालीन निबंधक-सह-सचिव प्रशांत कुमार पाण्डेय के खिलाफ मिली शिकायतों और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। शिकायतों की समीक्षा करने के बाद राज्य सरकार ने 17 अगस्त को आदेश जारी करके प्रशांत कुमार पाण्डेय को उनके पद से मुक्त कर दिया था। इसके बाद प्रशांत कुमार पाण्डेय ने राज्य सरकार के इस फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर करके चुनौती दी। वर्तमान समय में उनकी यह याचिका अदालत में विचाराधीन है।

अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट तलब
स्वास्थ्य विभाग द्वारा काउंसिल के अध्यक्ष को भेजे गए हालिया पत्र में हाईकोर्ट के 20 अगस्त  के आदेश का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। विभाग ने काउंसिल के अध्यक्ष और सभी सदस्यों को सरकारी निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। विभाग ने काउंसिल प्रशासन से अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जल्द सरकार को सौंपने का निर्देश दिया है ।

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