रांची: झारखंड में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने डिप्लोमा-इन-फार्मेसी की परीक्षा और फार्मासिस्टों के निबंधन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं पर फिलहाल रोक लगा दी है। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के तहत विभाग ने झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल को अगले आदेश तक इन सभी गतिविधियों को स्थगित रखने का निर्देश दिया है।
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यह पूरा मामला झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के तत्कालीन निबंधक-सह-सचिव प्रशांत कुमार पाण्डेय के खिलाफ मिली शिकायतों और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। शिकायतों की समीक्षा करने के बाद राज्य सरकार ने 17 अगस्त को आदेश जारी करके प्रशांत कुमार पाण्डेय को उनके पद से मुक्त कर दिया था। इसके बाद प्रशांत कुमार पाण्डेय ने राज्य सरकार के इस फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर करके चुनौती दी। वर्तमान समय में उनकी यह याचिका अदालत में विचाराधीन है।
अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट तलब
स्वास्थ्य विभाग द्वारा काउंसिल के अध्यक्ष को भेजे गए हालिया पत्र में हाईकोर्ट के 20 अगस्त के आदेश का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। विभाग ने काउंसिल के अध्यक्ष और सभी सदस्यों को सरकारी निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। विभाग ने काउंसिल प्रशासन से अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जल्द सरकार को सौंपने का निर्देश दिया है ।
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