रांची : राष्ट्रीय युवा महोत्सव 2027 के अंतर्गत विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग की जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन ऑड्रे हाउस, रांची में किया गया। प्रतियोगिता में युवाओं की रचनात्मकता, प्रतिभा और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए सामूहिक लोकनृत्य, सामूहिक लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला और कविता लेखन जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसमें युवाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
Read More : रांची में हैलोवीन रीबूट प्रतियोगिता, बच्चों ने ड्रेस और मेकअप से दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
अतिथियों ने किया प्रतियोगिता का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त (DDC), रांची संजय भगत और विशिष्ट अतिथियों एसडीओ, रांची कुमार रजत, एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) धनंजय कुमार तथा डॉ. भावना अंबस्था ने किया। इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर देते हैं।
प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित
जिला स्तरीय प्रतियोगिता की विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं के नाम इस प्रकार हैं :
नुक्कड़ नाटक
- प्रथम स्थान – रंग दर्पण
- द्वितीय स्थान – मास कम्युनिकेशन
- तृतीय स्थान – डीएसपीएमयू
सामूहिक लोकगीत
- प्रथम स्थान – संदीप कंडुलना
- द्वितीय स्थान – आदित्य सिंह
- तृतीय स्थान – राजेश रोशन उरांव
सामूहिक लोकनृत्य
- प्रथम स्थान – मंगल एंड ग्रुप
- द्वितीय स्थान – सुशांति एंड ग्रुप
- तृतीय स्थान – खुशी एंड ग्रुप
कविता लेखन
- प्रथम स्थान – निहारिका शुक्ला
- द्वितीय स्थान – पूजा तिवारी
- तृतीय स्थान – करण कुमार
चित्रकला
- प्रथम स्थान – चैताली कुंडू
- द्वितीय स्थान – चंदन कुमार साहू
- तृतीय स्थान – रक्षानंदा नूर
आयोजन समिति की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के सफल संचालन और आयोजन में जिला खेल पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार सिंह, डॉ. ऋतु राज, डॉ. कमल बोस, डॉ. गौरव अग्रवाल, आशीष बनर्जी, मुकेश सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समापन समारोह में जिला खेल पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार सिंह, डॉ. ऋतु राज, सुश्री श्वेता सिंह, डॉ. कमल बोस और डॉ. गौरव अग्रवाल उपस्थित रहे। इस दौरान विजेताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को अपनी सांस्कृतिक, कलात्मक और रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराना तथा उन्हें विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।



