रांची: जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बुधवार को समाहरणालय ब्लॉक-A सभागार में जिले के सभी अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, ट्रेनी आईएएस ऑफिसर सुश्री आस्था शरण, उपसमाहर्ता भूमि सुधार रांची मुकेश कुमार, भू-अर्जन पदाधिकारी रांची के.के. राजहंस, भू-बंदोबस्त पदाधिकारी आशुतोष ओझा, उप निदेशक सामाजिक सुरक्षा रविशंकर मिश्रा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
अंचलों में दलाल और बिचौलिए किसी भी हालत में नहीं घूमने चाहिए
उपायुक्त र ने बैठक में राजस्व कर्मियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की शिकायत आने पर सीधी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंचलों में दलाल और बिचौलिए किसी भी हालत में नहीं घूमने चाहिए। कर्मचारियों से कार्यशैली में सुधार करने की अपील करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि सुधार नहीं करने पर सीधी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जन केंद्रित बनाने पर विशेष बल दिया।
पर्यटन विकास की संभावनाओं की समीक्षा
उपायुक्त ने नामकुम, अनगड़ा एवं ओरमांझी अंचलों में पर्यटन विकास की संभावनाओं की विस्तार से समीक्षा की तथा विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता और संभावित पर्यटन स्थलों का समुचित विकास किया जाए, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिले।
भूमि चिन्हितकरण
उपायुक्त ने जिले में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने, विकास के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित करने को सुचारू एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के खुलने से स्थानीय छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा और जिले के शैक्षिक स्तर में सुधार होगा।
नगर विकास योजना एवं प्रमाण पत्रों का समय पर निर्गमन के निर्देश
उपायुक्त ने नगर विकास की योजनाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र जारी करने में किसी भी प्रकार की देरी न करने का स्पष्ट निर्देश दिया। सभी प्रकार के प्रमाण पत्र निर्धारित समय-सीमा के अंदर जारी किए जाएं, ताकि जनता को इधर-उधर भटकना न पड़े। उन्होंने सक्सेशन म्यूटेशन (उत्तराधिकार दाखिल-खारिज) मामलों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए तथा भूमि नापी के मामलों की भी समीक्षा कर दिशा-निर्देश जारी किए।
लंबित दाखिल-खारिज मामलों का ससमय निष्पादन
उपायुक्त द्वारा 30 दिनों एवं 90 दिनों से अधिक समय से लंबित दाखिल-खारिज मामलों की अंचलवार विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन अंचलों में जमीन संबंधी मामले बहुत दिनों से लंबित हैं, उनका निष्पादन अंचल अधिकारी ससमय सुनिश्चित करें। लंबित मामलों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें शीघ्र निपटाया जाए।
आदिवासी भूमि संरक्षण पर विशेष जोर
उपायुक्त ने आदिवासी भूमि संरक्षण पर विशेष रूप से निर्देश दिया कि आदिवासी जमीन को कोई न हड़पे। इस संबंध में विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी प्रकार के अवैध हस्तांतरण या कब्जे पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
जनता दरबार के मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें
जनता दरबार में आए मामलों को गंभीरता से लिया जाए तथा किसी भी स्तर पर मामले लंबित न रहें। जनता की शिकायतों का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण किया जाए।
अनुपस्थिति पर कार्रवाई
बिना किसी कारण बताए बैठक में अनुपस्थित रहने वाले हल्का कर्मचारी-8 विजय उरांव को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए उनके वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों को निर्देश दिया कि वे जनता को बेहतर सेवा प्रदान करने तथा राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जन-हितैषी बनाने के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण से कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जन सेवा है और कोई भी कमी या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।