रांची : प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता (31) का शव झारखंड के जंगल वाले इलाके से बरामद होने की खबर है। देवपालिक 26 अक्टूबर को रांची से पटना जाने के लिए जनशताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुए थे। इसी दौरान वह मुरी स्टेशन से पहले लापता हो गए थे। उनकी मौत कैसे हुई और वह किन हालात में ट्रेन से लापता हुए, फिलहाल इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। देवपालिक उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले थे। उनके लापता होने के बाद साथियों ने उनकी तलाश की और पुलिस से मदद मांगी थी। अब शव मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है।
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रांची से पटना जाते समय अचानक लापता हो गए थे देवपालिक
मिली जानकारी के अनुसार देवपालिक 26 अक्टूबर को अपने साथियों के साथ जनशताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12366) से रांची से पटना जा रहे थे। ट्रेन में उनकी सीट C-2 कोच में नंबर 50 थी। साथियों के मुताबिक, दोपहर करीब 3 बजे देवपालिक खाना ऑर्डर करने के लिए पैंट्री कार की तरफ गए थे। इसके बाद वह अपनी सीट पर वापस नहीं लौटे। काफी देर तक उनका पता नहीं चला तो साथियों ने फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। इसके बाद टीटी और आरपीएफ के जवानों की मदद से पूरी ट्रेन में उनकी तलाश की गई। मुरी स्टेशन पर भी खोजबीन हुई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
FIR दर्ज कराने में देरी का साथियों ने लगाया आरोप
देवपालिक के साथियों का आरोप है कि उनके लापता होने की सूचना देने के बाद भी उन्हें समय पर मदद नहीं मिली। उनके मुताबिक, बोकारो में रेल मदद के जरिए शिकायत करने की कोशिश की गई, लेकिन आरपीएफ और जीआरपी के बीच मामला अधिकार क्षेत्र को लेकर उलझा रहा। साथियों का कहना है कि कभी मुरी तो कभी रांची में शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई। उनके मुताबिक, घटना दोपहर करीब 3 बजे हुई थी, जबकि एफआईआर रात करीब 9 बजे दर्ज हो सकी। साथियों ने यह भी आरोप लगाया कि रात में जंगल वाले इलाके में तलाश करने की मांग के बावजूद समय पर सर्च ऑपरेशन नहीं चलाया गया। हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
जंगल में मिला शव, मौत की वजह अब भी साफ नहीं
27 अक्टूबर को अनगड़ा और बरवादाग इलाके के जंगलों व झाड़ियों से एक शव मिलने की जानकारी सामने आई। खबरों के मुताबिक, शव की पहचान देवपालिक गुप्ता के रूप में हुई है। शव मिलने के बाद पुलिस की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, मौत की वजह और देवपालिक के लापता होने की परिस्थितियों को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
देवपालिक ने दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पढ़ाई की थी। वह जन सुराज पार्टी में डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे और बांकीपुर उपचुनाव के दौरान भी पार्टी के लिए काम कर चुके थे। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि देवपालिक ट्रेन से किन परिस्थितियों में लापता हुए और उनकी मौत कैसे हुई।




