सीजेपी प्रोटेस्ट से जुड़ी अवमानना की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पूरी दिल्ली से बैरिकेड्स हटाएं, इंटरनेट और मेट्रो स्टेशन बहाल करो

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी प्रोटेस्ट से जुड़ी अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पूरी दिल्ली से बैरिकेड्स हटाने और इंटरनेट-मेट्रो स्टेशन सेवा बहाल करने का आदेश केंद्र सरकार को दिया है। देश के शीर्ष न्यायालय ने केंद्र सरकार को संविधान के अनुच्छेद 19(2)

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नई दिल्ली:  सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी प्रोटेस्ट से जुड़ी अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पूरी दिल्ली से बैरिकेड्स हटाने और इंटरनेट-मेट्रो स्टेशन सेवा बहाल करने का आदेश केंद्र सरकार को दिया है। देश के शीर्ष न्यायालय ने केंद्र सरकार को संविधान के अनुच्छेद 19(2) के तहत मेट्रो का नियमित संचालन जारी रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली से बैरिकेड्स हटाए जाएं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट सेवा बहाल हो। साथ ही कोर्ट ने अवैध हिरासत पर रोक लगा दी है।

दरअसल CJP प्रोटेस्ट से जुड़ी चार याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं। इनमें राजनीतिक नेताओं और वकीलों की हिरासत, पुलिस की कार्रवाई, मेट्रो और सड़कों को बंद करने और फोन जैमर के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं। इन सभी याचिकाओं पर कोर्ट में सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान बताया गया कि पिछली रात 10 बजे से सभी मेट्रो स्टेशन खोल दिए गए हैं और किसी भी स्टेशन को आंशिक रूप से बंद नहीं रखा गया है। अदालत ने रेलवे अधिकारियों की ओर से जारी परामर्शों से संबंधित जानकारी भी मांगी और याचिकाओं पर जवाब तथा आदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट मंगलवार तक दाखिल करने को कहा।इंटरनेट सेवाओं के मुद्दे पर जस्टिस बागची ने शहर में इंटरनेट सुविधा बहाल करने की बात कही। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि सेवाएं पिछली रात से ही बहाल हैं। अदालत ने उनके इस बयान को रिकॉर्ड पर लेने की बात कही।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में अवैध हिरासत पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि दिल्ली में लोगों की आवाजाही कानून के मुताबिक सुचारू रूप से जारी रहनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि कानून में तय प्रक्रिया के बिना किसी को हिरासत में नहीं लिया जाए। खासकर उन लोगों को, जो BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू क्षेत्रों से बाहर शांतिपूर्ण और बिना हथियार के प्रदर्शन कर रहे हैं।

45 पर मेट्रो स्टेशनों पाबंदी क्यों लगी? SC ने DMRC से मांगा नक्शा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सभी याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि मेट्रो सेवाएं सामान्य समय-सारणी के अनुसार चलेंगी। साथ ही, शहरभर में लगाए गए बैरिकेड हटाने और इंटरनेट बंद नहीं करने का निर्देश दिया। जस्टिस बागची ने DMRC से उन मेट्रो स्टेशनों का नक्शा देने को कहा, जहां एंट्री और एग्जिट बंद या सीमित किए गए थे। कोर्ट ने पूछा कि शुरुआत में 57 स्टेशन बंद करने का प्रस्ताव था, फिर 45 स्टेशनों पर पाबंदी क्यों लगाई गईय़ कोर्ट ने कहा कि उसे यह समझना है कि किन स्टेशनों को बंद किया गया और किन्हें खुला रखा गया

सुप्रीम कोर्ट में लगे शेम-शेम के नारे तो जज ने लगाई फटकार

सुनवाई के दौरान कोर्टरूम में वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हुई। वकीलों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान वकीलों की पिटाई की थी। इस दौरान कुछ वकीलों ने कोर्ट में पुलिसकर्मियों के बैठने की जगह को लेकर भी आपत्ति जताई। अदालत में सुनवाई के दौरान कई वकीलों ने शेम-शेम के नारे लगाए। इस पर जजों ने नाराजगी जताई और वकीलों से अदालत की कार्यवाही के दौरान अनुशासन बनाए रखने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को विशेष सुनवाई रखी। सुनवाई के दौरान जजों ने कहा कि अदालत रविवार को विशेष परिस्थितियों में बैठी है और वकीलों को मामले की गंभीरता समझनी चाहिए।

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