जेपी जयंती: क्यों छात्रों पे चली गोलियां?’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण

रांची/ पटना। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर आज रविवार 11 अक्टूबर को जेपी विचार मंच के तत्वावधान में आईआईबीएम (IIBM) सभागार में एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के व्यक्तित्व, कृतित्व, वैचारिक दर्शन, सामाजिक परिवर्तन के प्रति उनकी

जेपी जयंती

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची/ पटना। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर आज रविवार 11 अक्टूबर को जेपी विचार मंच के तत्वावधान में आईआईबीएम (IIBM) सभागार में एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के व्यक्तित्व, कृतित्व, वैचारिक दर्शन, सामाजिक परिवर्तन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा भारतीय लोकतंत्र की रक्षा में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।

जेपी आंदोलन से जुड़े संस्मरणों के माध्यम से उस ऐतिहासिक दौर को याद किया गया

वक्ताओं ने जेपी के जीवन संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी देश के युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेतृत्व के लिए प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम में जेपी आंदोलन से जुड़े संस्मरणों के माध्यम से उस ऐतिहासिक दौर को याद किया गया, जिसने भारतीय राजनीति और लोकतांत्रिक चेतना को नई दिशा प्रदान की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार विधान परिषद के सदस्य एवं जेपी विचार मंच के अध्यक्ष डॉ. संजय प्रकाश मयूख ने की। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि श्रीमती किरण घई ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया। इसके अतिरिक्त बिहार विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक डॉ. संजीव चौरसिया, पद्मश्री डॉ. विमल जैन, कुमार राघवेंद्र एवं रोहित सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।

जेपी आंदोलन के संस्मरणों ने जीवंत किया ऐतिहासिक दौर

मुख्य अतिथि कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी ने अपने संबोधन में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जीवन और उनके नेतृत्व में चले ऐतिहासिक आंदोलन से जुड़े अनेक संस्मरण साझा किए। उनके वक्तव्य में आंदोलन के विभिन्न प्रसंगों का ऐसा जीवंत चित्रण देखने को मिला कि सभागार में उपस्थित लोगों को उस दौर की घटनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव होने लगा। उन्होंने जेपी के संघर्ष, उनकी वैचारिक दृढ़ता, अनुशासन और अहिंसा के प्रति अटूट विश्वास को रेखांकित किया।

युवाओं और नेताओं के लिए जेपी का जीवन अनुकरणीय

डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जीवन आज भी युवाओं और राजनेताओं के लिए अनुकरणीय है। वर्ष 1974 में जेपी ने देश की युवा शक्ति को एकजुट कर अनुशासित एवं अहिंसक आंदोलन का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में युवाओं ने सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन की आवाज बुलंद की। जेपी का आंदोलन केवल सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य व्यवस्था में सुधार, जनभागीदारी को बढ़ावा देना और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना था।

जेपी का जीवन और विचार आज भी प्रासंगिक

विशिष्ट अतिथि श्रीमती किरण घई ने अपने संबोधन में कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जीवन और उनके विचार आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि जेपी ने देश की युवा शक्ति को रचनात्मक नेतृत्व प्रदान किया और उसे लोकतंत्र की रक्षा के लिए संगठित किया। उनके नेतृत्व की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने अहिंसा, अनुशासन और जनभागीदारी को आंदोलन का आधार बनाया।

श्रीमती किरण घई ने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर संकट उत्पन्न हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल के माध्यम से लोकतंत्र का गला घोंटने वाली राजनीतिक ताकतें आज लोकतंत्र की रक्षा की बात करके जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जेपी ने अपने विचारों और संघर्ष के माध्यम से देश को यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता में निहित होती है।

वक्ताओं ने कहा कि जेपी भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व थे

संगोष्ठी में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि जेपी भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के व्यापक हित को प्राथमिकता दी। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, नैतिकता और जनसेवा का उदाहरण है।

वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जेपी के विचारों की प्रासंगिकता वर्तमान समय में और भी बढ़ जाती है, जब लोकतांत्रिक संस्थाओं, सामाजिक जिम्मेदारियों और युवाओं की भूमिका पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है। जेपी का जीवन यह प्रेरणा देता है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए जागरूक नागरिक, उत्तरदायी नेतृत्व और सामाजिक सहभागिता आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को जेपी के संघर्षों और उनके विचारों से परिचित कराना समय की मांग है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, समाज के प्रति संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता विकसित की जा सकती है।

पद्मश्री डॉ. विमल जैन की पुस्तक का लोकार्पण

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण पद्मश्री डॉ. विमल जैन की पुस्तक ‘क्यों छात्रों पे चली गोलियां?’ का लोकार्पण रहा। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी ने पुस्तक का लोकार्पण किया। पुस्तक के शीर्षक के माध्यम से उस ऐतिहासिक दौर, छात्र आंदोलन और उससे जुड़े सवालों पर चिंतन का अवसर सामने आया।

जेपी के आदर्शों को बताया प्रेरणास्रोत

अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. संजय प्रकाश मयूख ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जीवन आज भी प्रेरक और प्रासंगिक है। उनके विचार समाज को सकारात्मक दिशा देने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। जेपी ने अपने सार्वजनिक जीवन के माध्यम से यह स्थापित किया कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए वैचारिक प्रतिबद्धता, जनविश्वास और नैतिक साहस अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि जेपी की विरासत को जीवित रखने का वास्तविक अर्थ उनके विचारों को समझना और उन्हें सामाजिक जीवन में अपनाना है। उनकी जयंती केवल एक महान व्यक्तित्व को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों, संघर्षों और राष्ट्र के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेने का भी अवसर है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के लोकतांत्रिक इतिहास और उसके निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्तित्वों से परिचित कराया जा सकता है।

ये लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम का संचालन सुमित श्रीवास्तव ने किया। अंत में विनोद शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी में जेपी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने, युवाओं को उनके आदर्शों से परिचित कराने और लोकतांत्रिक चेतना को सशक्त बनाने के महत्व पर बल दिया गया।

also read : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पूजनीय माता स्वर्गीय रूपी सोरेन की स्मृति में पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.