नई दिल्ली : विराट कोहली के प्रवक्ता ने फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के उन दावों को सिरे से खारिज किया है, जिनमें भारतीय क्रिकेटर को प्रेमानंद महाराज के दरबार में 5 करोड़ रुपये देकर बुलाने की बात कही गई थी। प्रवक्ता ने बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह गलत, असत्य और तथ्यहीन बताया है। प्रवक्ता ने कहा कि दिनेश फलाहारी महाराज ने विराट कोहली को लेकर जो बातें कही हैं, वे तथ्यात्मक रूप से भी गलत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा के कारण करते हैं।
Read More : पलामू में BJP ने निकाली ‘सेवा ज्योति यात्रा’, लिया विकसित भारत का संकल्प
विराट कोहली के प्रेमानंद महाराज से जुड़ाव पर क्या कहा?
प्रवक्ता के मुताबिक, विराट कोहली का प्रेमानंद महाराज से आध्यात्मिक जुड़ाव पूरी तरह व्यक्तिगत है। इसे किसी अन्य दावे या वजह से जोड़ना सही नहीं है। विराट कोहली के प्रवक्ता ने मीडिया से भी अपील की है कि किसी भी ऐसी जानकारी को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच की जाए। उन्होंने कहा कि खबर चलाने से पहले तथ्यों का सत्यापन करना जरूरी है। प्रवक्ता ने दिनेश फलाहारी महाराज के सभी आरोपों और दावों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया। उन्होंने मीडिया से ऐसी बातों को बढ़ावा नहीं देने और केवल सत्यापित जानकारी ही सामने रखने का आग्रह किया है।
We would like to categorically state that the claims made by Falahari Maharaj Dinesh Sharma in regards to Mr. Virat Kohli are completely false, baseless and factually incorrect. Mr. Virat Kohli visits Premanand Maharaj Ji purely out of his deep faith and reverence for Maharaj Ji. We strongly refute these claims and urge the media to exercise due diligence, verify facts before reporting or amplifying such statements, and report responsibly: Official Statement from Virat Kohli’s spokesperson
— IANS (@ians_india) October 7, 2026
क्या था फलाहारी महाराज का दावा?
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने सोमवार को संत प्रेमानंद महाराज को लेकर एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने प्रेमानंद महाराज से बेलवन आश्रम छोड़कर गोवर्धन आने का आग्रह किया और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। पत्र में उन्होंने आश्रम में गुटबाजी का दावा भी किया। साथ ही आरोप लगाया कि एक गुट ने भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये देकर प्रेमानंद महाराज के दरबार में बुलाया था। उनके मुताबिक, इसके बाद महाराज की प्रसिद्धि देशभर में बढ़ी।
आश्रम और जमीन को लेकर भी लगाए आरोप
दिनेश फलाहारी महाराज ने पत्र में आरोप लगाया कि साधु वेशधारी एक गुट बेलवन आश्रम के आसपास यमुना डूब क्षेत्र की जमीनों की खरीद-फरोख्त कर रहा है। उन्होंने कुछ भूमाफिया और अधिकारियों की कथित मिलीभगत से यमुना खादर की जमीन बेचने का भी आरोप लगाया। पत्र में यह भी दावा किया गया कि संत प्रेमानंद महाराज की ख्याति का फायदा उठाने के लिए आश्रम में साधु वेश में कुछ कथित माफिया सक्रिय हैं। इसमें गुमशुदा बच्चों की किडनी बेचे जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
सीबीआई जांच और जेड प्लस सुरक्षा की मांग
इन आरोपों की जांच के लिए फलाहारी महाराज ने सीबीआई जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकार से प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस सुरक्षा देने का अनुरोध किया है। पत्र में दो गुटों के बीच कथित मतभेद का भी उल्लेख किया गया है। आरोप लगाया गया कि एक पक्ष यह दावा करता है कि उसने प्रेमानंद महाराज को प्रसिद्ध बनाने में भूमिका निभाई है। हालांकि, दिनेश फलाहारी महाराज ने यह भी कहा कि प्रेमानंद महाराज ने अपनी साधना और तपस्या से पहचान बनाई है। उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से विवादों से दूर रहने और गोवर्धन गिरिराजजी की पवित्र भूमि में निवास कर साधना करने की अपील की है। पत्र में कहा गया कि गोवर्धन में उनका रहना अधिक सुरक्षित होगा।





